लखनऊ अग्निकांड में पांच और इंजीनियर-कर्मचारी सस्पेंड, इमारत पर बुलडोजर ऐक्शन की तैयारी

लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड के दोषियों पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की जांच रिपोर्ट और एसआइटी की संस्तुति के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। शासन ने 18 दागी इंजीनियरों की सूची में शामिल चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। तीन बार स्थानांतरण के बाद भी वर्षों से एलडीए में डटे नगर निगम सेवा के सहायक अभियंता संजय शुक्ल के अलावा अधीक्षण अभियंता आनंद मिश्र, अधिशासी अभियंता शिवेंद्र शुक्ल और अवर अभियंता हेमंत कुमार को निलंबित किया गया है।
हेमंत कुमार को जोन चार में अवैध निर्माण की एक शिकायत के मामले में कुछ दिन पहले भी निलंबित किया गया था। इसी तरह एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सुपरवाइजर के रूप में तैनात बेलदार हरपाल को भी निलंबित कर दिया है।एलडीए ने दिवंगत अधिशासी अभियंता एके सिंह के अलावा अग्निकांड के जिम्मेदार 18 इंजीनियरों की सूची शासन को सौंपी थी।
12 अभियंता हो चुके सेवानिवृत्त
इसमें 12 अभियंता पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मौजूदा सेवा में तैनात अवर अभियंता प्रमोद पांडेय और सहायक अभियंता अनिल कुमार को पहले ही शासन ने निलंबित कर दिया था। एलडीए ने अलीगंज अग्निकांड को लेकर पांच जोनल अधिकारियों के नाम एसआइटी को सौंपे हैं। उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
इसके अलावा तत्कालीन जोनल अधिकारी के रूप में सेवाएं देने वाले पांच पीसीएस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। उधर, एसआइटी को उपलब्ध कराई गई 18 इंजीनियरों की सूची में दो इंजीनियर कभी क्षेत्र में तैनात ही नहीं रहे हैं। इसमें एक इंजीनियर सेवानिवृत्त हो गए हैं। सेवानिवृत्त इंजीनियर ने अपना नाम जोड़े जाने पर सवाल उठाए हैं।
50 जूनियर इंजीनियरों की होगी भर्ती
अलीगंज अग्निकांड से सबक लेते हुए अवैध निर्माण को रोकने के लिए एलडीए आउटसोर्सिंग के माध्यम से 50 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती करेगा। इन इंजीनियरों की तैनाती सातों जोन में आवश्यकता अनुसार की जाएगी।
उपाध्यक्ष ने बताया कि लखनऊ में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से शहर और आबादी का दायरा बढ़ रहा है। ऐसे में निर्माण कार्यों की निगरानी और अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने की



