**मुरादनगर में नकली हर्बल दवा गिरोह का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार**

- मुरादनगर में नकली हर्बल दवा गिरोह का भंडाफोड़।
- तीन आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद।
- हिमालय वेलनेस की नकली दवाएं बनाने का आरोप।
मुरादनगर। देहात स्वाट और मुरादनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामी हर्बल कंपनी के नाम से नकली दवाएं बनाकर उन्हें बाजार बेचने वाले गिराेह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपित को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में दवाएं, नामी कंपनी की नकली पैकिंग और अन्य सामग्री बरामद की। कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
पिछले महीने आगरा के मेडिकल स्टोर पर हिमालय वैलनेस कंपनी की नकली दवाएं पकड़ी गई थी। पकड़ी गई दवाओं की सप्लाई मुरादनगर की ट्रैडिंग कंपनी से की गई थी। कंपनी के मैनेजर ललित कुमार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए औषधि विभाग ने उक्त कंपनी के मालिक मुकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोपित हिमालय कंपनी की लिवर- 52 व दूसरी प्रसिद्ध ब्रांड की नकली दवाएं तैयार करके बेचते थे। नकली दवा प्रकरण अभी तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अभी तक सामान की बरामदगी नहीं हुई थी। बुधवार को स्वाट और पुलिस ने छापा मारते हुए दवा बनाने वाले गिरोह तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान जलालाबाद गांव के रहने वाले जानी सिंह व फरमान और मेरठ के लोहियानगर के रहने वाले मुज्जमिल को गिरफ्तार किया है। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 35 हजार नकली गोलियां, 240 रैपरशीट, 450 डिब्बी, तीन हजार ढक्कन, एक कंप्यूटर सिस्टम व अन्य सामग्री बरामद की।
अलग अलग स्थान से तैयार कराते हैं दवाएं व पैकिंग का सामान
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह लिवर की नकली दवाएं सोनीपत की सुबको लैब से बनवाते हैं। पैकिंग के लिए नकली डिब्बी और ढक्कन मेरठ के लोहियानगर से बनवाते हैं। गोलियों के लिए प्लास्टिक के रैपर मेरठ के खैरनगर में रहने वाला व्यक्ति सप्लाई करता है। नकली सामान सप्लाई करने वाले लोगो के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने नकली दवाओं के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। नकली दवा निर्माण में सहयोगी रहे लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। – लिपि नगायच, एसीपी, मसूरी



