एनसीआरग्रेटर नोएडा

YEIDA सिटी में 400 औद्योगिक इकाइयों का निर्माण जारी, 200 से ज्यादा में इस साल शुरू होगा उत्पादन

यमुना सिटी को भविष्य के बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यहां पांच डेडिकेटेड औद्योगिक पार्क समेत सामान्य इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। शहर में अब तक कुल 95 इकाइयां बनकर तैयार हैं, जबकि 59 में उत्पादन शुरू हो गया है।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारी ने बताया कि यमुना सिटी में सेक्टर-28, 29, 30, 32 और 33 को औद्योगिक सेक्टर के रूप में विकसित किया गया है। इन सेक्टरों में 3189 भूखंड आवंटित हो चुके हैं। इनमें 82 कंपनियां बनकर तैयार हैं, जबकि 54 में उत्पादन शुरू हो चुका है। इसके अलावा इन सेक्टरों में प्राधिकरण ने डेडिकेटिड औद्योगिक पार्कों की भी शुरुआत की है। इनमें मेडिकल डिवाइस, हैंडीक्राफ्ट, अपेरल, टॉय और एमएसएसई पार्क शामिल हैं। इन पार्कों में करीब 1121 प्लॉटों का आवंटन किया गया है, जिनमें 13 इकाइयां बनकर तैयार हो चुकी हैं। सिर्फ पांच में ही उत्पादन चल रहा है।

यीडा का दावा है कि वर्तमान में शहर में करीब 400 इकाइयों का निर्माण कार्य चल रहा है। कंप्लीशन प्राप्त कर चुकी समेत 200 से अधिक इकाइयों को इसी वर्ष के अंत तक संचालन की योजना है। इसके लिए धरातल पर तेजी से कार्य कराया जा रहा है।

अपैरल पार्क के विकास पर जोर

सेक्टर-29 में विकसित हो रहे अपेरल पार्क में 160 भूखंड आवंटित हो चुके हैं। इनमें दो इकाइयां बनकर तैयार हैं। एक में उत्पादन का दावा किया गया है। वर्तमान में करीब 42 इकाइयों का कार्य निर्माणाधीन है। वहीं, मेडिकल डिवाइस पार्क, एमएसएमई में भी एक-एक इकाई शुरू हो चुकी है।

संचालन की रफ्तार धीमी

यमुना सिटी में औद्योगिक पार्कों और सामान्य औद्योगिक इकाइयों को मिलाकर कुल 4310 भूखंडों के आंवटन के सापेक्ष महज 2.2 प्रतिशत इकाइयों का कम्प्लीशन हुआ है। करीब 1.4 प्रतिशत इकाइयां ही उत्पादन या संचालन की स्थिति में पहुंच सकी हैं। आवंटन के सापेक्ष यह रफ्तार बेहद धीमी है।

शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ यीडा, ”वर्तमान में शहर में 59 इकाइयों में उत्पादन चल रहा है। यीडा का इस साल के अंत तक करीब 200 इकाइयों में उत्पादन शुरू कराने का लक्ष्य है। ऐसे में निर्माण न करने वाले आवंटियों के भूखंडों का आवंटन भी निरस्त किया जा रहा है।”

यमुना सिटी में तीन ग्रुप हाउसिंग योजनाएं आएंगी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद से यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार नई परियोजनाएं आ रही हैं। अब गौड़ ग्रुप के द्वारा बैंक से नीलामी में सात सौ करोड़ के तीन भूखंड लिए गए हैं। तीनों भूखंड यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-18 में हैं। शीघ्र ही ग्रुप हाउसिंग की योजना लाई जाएगी। यमुना विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में सेक्टर-18 को प्राइम माना जाता है। गौड़ ग्रुप के चेयरमैन मनोज गौड़ ने इस सौदे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इन भूखंडों में एक भूखंड 24 एकड़, दूसरा आठ एकड़ तथा तीसरा 2.5 एकड़ का है। तीनों भूखंड पहले जेपी ग्रुप के थे। जेपी से यह भूखंड आईसीआईसीआई बैंक ने ले लिए थे। अब नीलामी में बैंक से गौड़ ग्रुप ने करीब सात सौ करोड़ रुपये में तीनों भूखंडों को लिया है।

उन्होंने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में जमीन अधिक महंगी होने के कारण यहां पर अफोर्डेबल फ्लैट उपलब्ध कराना संभव नहीं है। वर्तमान में अफोर्डेबल फ्लैट यमुना एक्सप्रेसवे पर ही उपलब्ध कराया जा सकता है। एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद लोग यहां घर खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। बिल्डरों का भी ध्यान इस इलाके में है। ग्रुप द्वारा ईडीसी (बाहरी विकास शुल्क), किसानों को मुआवजे आदि जैसे सभी लंबित बकाये का निपटारा किया जा रहा है।

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