एनसीआरनोएडा

नेपाल की त्रासदी पर नोएडा में छलका दर्द, नेपाली समुदाय ने दीप जलाकर दी श्रद्धांजलि

सेक्टर-34 में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में नेपाली समुदाय के लोग हुए शामिल, पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना

नोएडा। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण हुई जनहानि से देश-विदेश में रहने वाले नेपाली समुदाय में शोक की लहर है। इसी क्रम में नोएडा सेक्टर-34 कम्युनिटी सेंटर में नोएडा में निवास कर रहे नेपाली समुदाय की ओर से दीप प्रज्वलन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेपाली समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर बाढ़ में जान गंवाने वाले सभी लोगों की आत्मा की शांति के लिए दीप प्रज्वलित किए और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा लापता लोगों के सकुशल उद्धार की कामना की गई।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में दीपक जीसी, किशन थापा, कमल थापा, सूरज कुमार, विष्णु शर्मा, धर्मराज और नारायण बीके सहित नेपाली समुदाय के अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नेपाल इस समय बेहद कठिन और दुखद दौर से गुजर रहा है। देश से दूर रहने के बावजूद भारत में रहने वाला नेपाली समुदाय अपने देशवासियों के दुख और पीड़ा में पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। आपदा की इस घड़ी में नेपाली समुदाय ने एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा गौतमबुद्ध नगर के पूर्व जिला मंत्री एस.पी. छामौली ने भी अपनी श्रद्धांजलि एवं संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा दुख प्रकट करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताई।

वहीं आरडब्ल्यूए सेक्टर-34 के महासचिव धर्मेंद्र शर्मा ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए नेपाल में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया और नेपाली समुदाय द्वारा आयोजित इस मानवीय एवं संवेदनशील पहल की सराहना की।

दीप प्रज्वलन के दौरान पूरा वातावरण भावुक हो गया। उपस्थित लोगों ने मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और नेपाल में जल्द से जल्द हालात सामान्य होने की प्रार्थना की।

“हम नेपाल से दूर जरूर हैं, लेकिन नेपाल के दुख से दूर नहीं हैं।”

श्रद्धांजलि सभा ने यह संदेश दिया कि देश की सीमाएं भले ही लोगों को अलग कर सकती हैं, लेकिन अपने देश और अपने लोगों के प्रति प्रेम और संवेदना को कभी अलग नहीं कर सकतीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button