”जन आस्था के साथ जो खिलवाड़ करेगा…”, राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में FIR के बाद सीएम योगी का बड़ा बयान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कानून व्यवस्था और जन आस्था के मुद्दों पर अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। अयोध्या धाम के चढ़ावा और वित्तीय गबन प्रकरण में विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई पहली आधिकारिक एफआईआर और 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के तुरंत बाद मुख्यमंत्री जनसभा के मंच पर पहुंचे।
उन्होंने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश के भीतर जो कोई भी आम जनता और सनातनियों की जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस करेगा, उसके विरुद्ध राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत सबसे कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
‘उपद्रव करने वालों की सात पीढ़ियां भुगतेंगी’: कानून व्यवस्था पर कड़ा संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की बदल चुकी कानून व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जिक्र करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मोहर्रम के त्योहार का हवाला देते हुए कहा कि आज पूरे प्रदेश में शांति का माहौल है; कहीं किसी का अता-पता नहीं है, कोई भी सड़कों पर अवैध शस्त्र लेकर नहीं निकल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि उत्तर प्रदेश में अब केवल उत्सव और शांति का माहौल रहेगा, और इस सौहार्द के बीच यदि किसी ने भी उपद्रव या दंगा करने का प्रयास किया, तो उसकी आने वाली सात पीढ़ियों को इसका खामियाजा आर्थिक रूप से भुगतना पड़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय रामनवमी जैसे पवित्र त्योहारों पर दंगे भड़काए जाते थे और शिव भक्तों की कांवड़ यात्रा पर विधिक प्रतिबंध लगाए जाते थे, लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
‘रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो, सबूत है तो एसआईटी को दो’
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और आक्षेपों का विधिक जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 19 जून को अपने अयोध्या दौरे के दौरान ही यह स्पष्ट कर दिया था कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा। अयोध्या पूरी दुनिया के लिए आस्था का सर्वोच्च प्रतीक है, इसलिए राजनीतिक लाभ के लिए इस पावन धाम पर झूठे आक्षेप मत करो और श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को सीधी नसीहत देते हुए कहा कि “मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी, और रिपोर्ट आते ही विधिक कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है।
मैं फिर कहता हूं कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो; अगर आपके पास कोई वास्तविक प्रमाण या विलेख हैं, तो राजनीति करने के बजाय उन्हें सीधे एसआईटी के सामने पेश करो।” उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग आज आक्षेप कर रहे हैं, उनकी मंशा कभी अच्छी नहीं थी; ये वही लोग हैं जो कभी अदालत में कहते थे कि भगवान राम हुए ही नहीं।
अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे और दिल्ली मॉडल पर सीधा प्रहार
अपने भाषण के अगले चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में रामलला के दर्शन करने पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर चौतरफा राजनीतिक और कूटनीतिक हमला बोला। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि जब इन राजनीतिक दलों को अपनी जमीन खिसकती दिख रही है, तो ये रामभक्तों पर आक्षेप लगाकर अयोध्या धाम को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “दिल्ली से एक सज्जन आज अयोध्या आए हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें शासन चलाने के लिए पूरे 15 वर्ष का लंबा अवसर दिया, लेकिन उन्होंने दिल्ली को प्रशासनिक बर्बादी, विधिक अराजकता और संस्थागत भ्रष्टाचार के सिवा कुछ नहीं दिया।” मुख्यमंत्री ने केजरीवाल को नसीहत देते हुए कहा कि वे अयोध्या की धरती पर आकर राजनीति करने से पहले यह देखें कि डबल इंजन की सरकार ने पिछले 9 वर्षों के भीतर अयोध्या को किस तरह विश्व स्तरीय सांस्कृतिक नगरी के रूप में संवारा है।



