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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पर लाखों का बिजली बिल बकाया, लिस्ट में दिवंगत मंत्री का भी नाम शामिल

बागेश्वर। जनपद में बिजली बिल वसूली को लेकर ऊर्जा निगम की कार्रवाई ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। विद्युत खंड बागेश्वर द्वारा जारी टॉप बकायेदारों की सूची में राज्य की कैबिनेट मंत्री से लेकर पूर्व दिवंगत विधायक का नाम शामिल होने से चर्चा तेज हो गई है।

ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता की ओर से जारी सूची के अनुसार 25 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 300 बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक की गई है।

सूची में राज्य सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का नाम प्रमुखता से शामिल है। जानकारी के अनुसार कौसानी स्थित उनके होटल ‘रुद्राक्ष पैलेस’ पर 2 लाख 98 हजार 704 रुपये का विद्युत बिल बकाया दर्शाया गया है। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

टॉप बकायेदारों की सूची में चौथे स्थान पर पूर्व मंत्री एवं विधायक स्वर्गीय चंदन रामदास का नाम भी दर्ज है। उनके नाम पर दो लाख 85 हजार 990 रुपये बकाया बताए गए हैं। दिवंगत विधायक के नाम पर लंबित बिल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

लक्ष्य से साढ़े चार करोड़ पीछे वसूली

ऊर्जा निगम को चालू वित्तीय वर्ष में सात करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य मिला है। विभाग अब तक केवल 2.45 करोड़ रुपये ही वसूल कर पाया है। यानी लक्ष्य और उपलब्धि के बीच लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये का अंतर बना हुआ है, जो विभाग के लिए चिंता का विषय है।

कम वसूली को देखते हुए निगम ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। 25 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले 63 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं।

सरकारी विभाग भी बड़े बकायेदार

चौंकाने वाली बात यह है कि सूची में कई सरकारी विभाग और संस्थान भी शामिल हैं।

  • प्रमुख बकायेदारों में अल्मोड़ा मैग्नेसाइट पर लगभग 80 लाख रुपये
  • एफएम टावर पर करीब दो लाख रुपये
  • जिला पंचायत राज विभाग पर लगभग 10 लाख रुपये
  • कौसानी के तीन होटलों पर करीब छह लाख रुपये
  • राजस्व विभाग पर 4.5 लाख रुपये
  • प्राथमिक शिक्षा विभाग पर 13 लाख रुपये
  • एएनएम सेंटर पर लगभग चार लाख रुपये

सरकारी विभागों पर बकाया होने से भी वसूली अभियान की गंभीरता पर प्रश्न उठ रहे हैं।

उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल

उपभोक्ताओं का कहना है कि वर्ष के अधिकांश समय विभाग ढील बरतता है और वित्तीय वर्ष के अंत में अचानक सख्ती शुरू कर देता है। उनका कहना है कि नियमित मानिटरिंग से ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।

ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मो. अफजल ने बताया कि बकायेदारों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। विशेष वसूली अभियान चलाया गया है तथा शिविर लगाकर भी उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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