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खेरली गंगनहर में फिर हादसा! नहर किनारे मिले 8 साल की बच्ची के कपड़े, डूबने की आशंका से परिवार परेशान

ग्रेटर नोएडा। दनकौर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खेरली गंग नहर एक बार फिर बेहद दर्दनाक हादसे की गवाह बनी है। यहाँ सोमवार से लापता एक आठ वर्षीय मासूम बच्ची के नहर में डूबने की बेहद गंभीर आशंका जताई जा रही है। मंगलवार सुबह जैसे ही नहर के मुहाने पर बच्ची के कपड़े बरामद हुए, वैसे ही पीड़ित परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दनकौर पुलिस के साथ एसडीआरएफ (SDRF) और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और नहर के गहरे पानी व तेज बहाव के बीच बच्ची को तलाशने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

मासूम के अचानक गायब होने से पसरा सन्नाटा

जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश के रहने वाले कई मजदूर परिवार खेरली गंग नहर के समीपवर्ती इलाके में अस्थाई झुग्गियां बनाकर रहते हैं और मजदूरी कर अपनी आजीविका चलाते हैं। इन्हीं परिवारों में से एक की आठ साल की बच्ची सोमवार से अचानक रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थी। शुरुआत में बदहवास परिजन उसे आसपास की बस्तियों, खेतों और अन्य संभावित जगहों पर लगातार ढूंढते रहे, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी मासूम का कहीं कोई सुराग नहीं लग सका, जिससे परिवार की चिंता लगातार गहरी होती चली गई।

नहर के किनारे कपड़े मिलने से गहराया हादसा होने का शक

मंगलवार की सुबह जब कुछ लोग नहर की तरफ गए, तो उन्हें किनारे पर ही लापता बच्ची के कपड़े पड़े हुए दिखाई दिए। इसके बाद यह आशंका बेहद प्रबल हो गई कि उमस और गर्मी के कारण बच्ची नहाने के लिए शायद नहर के पानी में उतरी होगी और गहराई का अंदाजा न होने के चलते वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गई। यह खबर जैसे ही फैली, देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और प्रवासी मजदूरों की भीड़ जमा हो गई तथा पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।

एसडीआरएफ और प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सघन रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम सदर, दनकौर कोतवाली पुलिस और एसडीआरएफ की विशेषज्ञ गोताखोर टीम फौरन साजो-सामान के साथ मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों ने बिना समय गंवाए नहर के उफनते पानी में उतरकर बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी। हालांकि, नहर में पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को शुरुआती दौर में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और देर शाम तक तलाश जारी रहने के बाद भी बच्ची का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। पुलिस पीड़ित परिवार और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ कर घटना के हर संभावित पहलू की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश

इस दुखद घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि खेरली गंग नहर का यह हिस्सा बेहद खतरनाक है और पहले भी यहाँ कई लोग डूबने के कारण असमय काल के गाल में समा चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा नहर के संवेदनशील घाटों पर सुरक्षा बैरिकेडिंग, जाल, चेतावनी बोर्ड या होमगार्ड्स की तैनाती जैसे कोई बुनियादी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकना है, तो प्रशासन को तुरंत यहाँ कड़े सुरक्षा इंतजाम और नियमित निगरानी की व्यवस्था करनी होगी।

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