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नोएडा प्रोटेस्ट में अब तक 300 गिरफ्तार, पुलिस का दावा- फर्जी हैंडल से फैलाई गई अफवाह

उत्तर प्रदेश के नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने अब तक उपद्रव, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी के आरोप में 300 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है. जांच में एक गहरी साजिश का संकेत मिला है, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए भीड़ को उकसाया गया था, 50 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया हैंडल्स का इस्तेमाल भीड़ को भड़काने के लिए किया गया था. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार नोएडा में लगभग 83 स्थानों पर करीब 42,000 मजदूर अपनी मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरे। पुलिस ने गोलीबारी का सहारा नहीं लिया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केवल दो स्थानों पर न्यूनतम बल का प्रयोग किया।

पुलिस के अनुसार इन फर्जी हैंडल्स के जरिए गोलीबारी और मौतों जैसी झूठी अफवाहें फैलाई गईं, जिससे शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो गया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) इन हैंडल्स के पीछे छिपे चेहरों की तलाश कर रही है. पुलिस का मानना है कि यह किसी बड़े सिंडिकेट की साजिश हो सकती है.

नोएडा हिंसा: अब तक के 5 बड़े अपडेट्स

300 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और 100 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. करीब 50 फर्जी फेसबुक और ट्विटर (X) हैंडल्स की पहचान हुई है जो हिंसा भड़काने में सक्रिय थे. पुलिस ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज के जरिए पत्थरबाजों और वाहनों में आग लगाने वालों की शिनाख्त कर रही है. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, पड़ोसी जिलों से आए असामाजिक तत्वों ने भीड़ को उकसाया. नोएडा फेज-2 और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात है.

शांति की अपील और मांगों पर सहमति

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की अधिकांश मांगें, जैसे वेतन वृद्धि और महीने में 4 पेड छुट्टियां, पहले ही मान ली गई हैं. मुख्यमंत्री द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति भी जल्द अपनी अंतिम सिफारिशें पेश करेगी. नोएडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी असत्यापित पोस्ट पर भरोसा न करें. अफवाह फैलाना या भड़काऊ पोस्ट शेयर करना आपको जेल पहुंचा सकता है.

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