
नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है और डॉक्टरों ने उनकी मौत को ‘प्राकृतिक’ बताया है। इसमें बताया गया है कि 75 साल के दिग्गज एक्टर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) से पीड़ित थे। उनके दिल की धमनी में खून का थक्का जमने के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा। थक्का जमने के कारण उनके हार्ट के एक बड़े हिस्से में खून का प्रवाह रुक गया, जिससे उन्हें गंभीर हार्ट अटैक आया। गोवा मेडिकल कॉलेज, बाम्बोलिम के डॉक्टरों की एक टीम ने अस्पताल प्रशासन को यह रिपोर्ट सौंप दी है। दूसरी ओर, गोवा पुलिस ने नाना पाटेकर की मौत के मामले में ‘अप्राकृतिक मौत’ का केस दर्ज किया है और जांच जारी है।
नाना पाटेकर की उम्र 75 साल थी। उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर बेसुध हालत में पाया गया था और फिर मणिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया। गुरुवार सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रोटोकॉल के तहत जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस को 8.07 बजे मिली सूचना, BNSS की धारा 194 में केस दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गुरुवार सुबह 8.07 बजे पणजी पुलिस स्टेशन को मणिपाल हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसर का फोन आया। उन्होंने बताया कि विश्वनाथ गजानन पाटेकर उर्फ नाना पाटेकर को डोना पाउला से कैजुअल्टी वार्ड में मृत अवस्था में लाया गया था। पुलिस फाइल में कहा गया है कि इसके बाद बांबोलिम स्थित हॉस्पिटल के वार्ड का दौरा किया गया, मेडिकल अफसर से बातचीत की गई। फिर सीनियर अधिकारियों को जानकारी दी गई और BNSS की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
ब्लड क्लॉट के कारण हार्ट अटैक, दिल का धड़कना हुआ बंद
मणिपाल अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। ‘टीवी 9’ के मुताबिक, उसी दिन 08 अक्टूबर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें बताया गया कि नाना कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) से पीड़ित थे। उनके दिल की मुख्य धमनी में ब्लड क्लॉट हुआ, जिससे गंभीर हार्ट अटैक आया। इस कारण उनका दिल धड़कना बंद हो गया, जिसे मेडिकल भाषा में कार्डियक अरेस्ट कहा जाता है।
गोवा पुलिस की जांच में सामने आई रात की बात
गोवा पुलिस जांच की शुरुआती जांच में पता चला है कि नाना पाटेकर ने देर रात घर पर बेचैनी और दर्द महसूस होने पर निधन से कुछ घंटे पहले रात करीब 2:30 बजे अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजा था। उन्होंने इसमें तबीयत ठीक नहीं होने की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने अमेय को फोन भी किया। पुलिस के मुताबिक, अमेय नाईक ने नाना पाटेकर का मैसेज तड़के सुबह करीब 3:30 बजे देखा। इसके बाद वे तुरंत उनके डोना पावला स्थित घर पहुंचे, जहां नाना पसीने से लथपथ सोफे पर बेहोश पाए गए।
दोस्त अमेय ने गार्ड से मदद मांगी, एंबलेंस से अस्पताल ले गए
पुलिस के मुताबिक, अमेय ने हालात को भांपते हुए तुरंत अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड की मदद मांगी और नजदीकी मणिपाल अस्पताल की इमरजेंसी सर्विस से संपर्क किया। इसके बाद नाना पाटेकर को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद डोंजे गांव में देर रात अंतिम संस्कार
गुरुवार को दोपहर बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया होने पर पार्थिव शरीर को गोवा से नाना पाटेकर के पुणे स्थित पैतृक गांव डोंजे ले जाया गया। जहां देर रात राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता को मुखाग्नि दी।
‘ब्रॉट डेड’ के कारण प्रोटोकॉल के तहत ‘अप्राकृति मौत’ का केस दर्ज
‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में एक सीनियर पुलिस अफसर ने कहा, ‘पहली नजर में यह कार्डियक अरेस्ट का मामला लगता है। प्रोटोकॉल के तहत, क्योंकि उन्हें अस्पताल में ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल लाने पर मृत) घोषित किया गया था, इसलिए मौत की जांच के लिए हमने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है’
डॉ. शेखर सालकर ने नाना पाटेकर की मौत पर दिया था ये बयान
इससे पहले, गोवा के मणिपाल अस्पताल में ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. शेखर सालकर ने भी गुरुवार को ही मीडिया से बात की थी। उन्होंने बताया, ‘हमें मिली जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज किया था कि उन्हें रात करीब 2.30 बजे ठीक नहीं लग रहा था… उन्हें बेचैनी हो रही थी… लेकिन देर रात होने की वजह से, मुझे लगता है कि उनके दोस्त को समय पर मैसेज ठीक से नहीं मिल पाया। वह दोस्त सुबह करीब 4 बजे उनके घर पहुंचे, जब उन्हें पसीना आ रहा था और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी… फिर उनके केयरटेकर यहां आए, एम्बुलेंस ली और पास ही स्थित उनके घर गए। जब हमारी ER टीम वहां पहुंची, तो उन्होंने कार्डियक मसाज शुरू की, लेकिन वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे।’
45 मिनट CPR के बाद भी नहीं बच सकी नाना पाटेकर की जान
डॉ. शेखर सालकर ने आगे बताया, ‘जब हमारी टीम नाना पाटेकर के घर पहुंची तो वह बेसुध थे, कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। उन्होंने घर पर ही CPR देना शुरू किया गया और फिर CPR देते हुए उन्हें अस्पताल ले गए। करीब 45 मिनट CPR दी गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुबह 5.20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।’



