ग्रेटर नोएडा में चीनी नागरिक का कारनामा, बिना वीजा 6 साल से जमाए था डेरा; हवाला से करोड़ों भेज दिए चीन

हवाला के जरिये करोड़ों रुपये विदेश भेजने के मामले में नोएडा से गिरफ्तार चीनी नागरिक लियाओ लोंगहुई पिछले छह साल से अवैध रूप से नोएडा में रह रहा था। उसने कोहिमा के पते पर अपना फर्जी आधार कार्ड बनवाया और उसी के आधार पर अन्य भारतीय दस्तावेज हासिल कर लिए। नोएडा एसटीएफ ने इस संबंध में एक डिटेल रिपोर्ट केंद्रीय जांच एजेंसियों को भेज दी है।
नोएडा एसटीएफ की गिरफ्त में आया चीनी नागरिक लोंगहुई वर्ष 2018 में भारत आया था। उसका वीजा वर्ष 2020 में एक्सपायर हो गया था, लेकिन वह वापस चीन नहीं लौटा। उसने भारत में ही अपनी फर्जी दस्ताचेज तैयार करा लिए थे। नोएडा सेक्टर-93 की पूर्वांचल सिटी स्थित उसके घर से एसटीएफ को एक आधार कार्ड मिला। लोंगहुई ने नागालैंड के कोहिमा के एक पते पर यह आधार कार्ड फर्जी तरीके से बनवाया था, जिसमें उसका नाम सैमुएल था। वह सैमुएल बनकर ही यहां पर रह रहा था। एसटीएफ इसकी भी जांच कर रही है कि कहीं उसने इसी के आधार पर अपना भारतीय पासपोर्ट तो नहीं बनवा लिया था।
अब तक 12 चीनी नागरिकों को गिरफ्तार कर चुकी एसटीएफ
पूर्व में भी कई चीनी नागरिक अवैध रूप से भारतीय पासपोर्ट हासिल कर चुके हैं। एसटीएफ का मानना है कि यहां पर कुछ और चीनी नागरिकों के अवैध रूप से रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वह अब तक 12 चीनी नागरिकों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें से तीन ने अपने भारतीय पासपोर्ट बनवा लिए थे। चीन के संदिग्ध नागरिकों की गिरफ्तारी का मामला गंभीर है। इस मामले की जांच में नोएडा एसटीएफ और आईबी समेत देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियां जुटी हैं। उनके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, नागालैंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम और दिल्ली की एजेंसियां भी जांच कर रही हैं।
आरोपी के 12 में से तीन बैंक खाते फ्रीज कराए
एसटीएफ के एएसपी आर.के मिश्रा ने बताया कि नोएडा से एक दिन पूर्व जिस चीनी नागरिक लोंगहुई को गिरफ्तार किया गया था। उसके 12 बैंक खातों के संबंध में जानकारी मिली है, जिसमें से तीन बैंक खातों को फ्रीज कराया जा चुका है। वहीं, अन्य बैंक खातों को भी फ्रीज कराने की प्रक्रिया जारी है और इन बैंक खातों में हुए लेन-देन का ब्योरा भी मंगाया गया है।
लोंगहुई अपने दोस्तों को करा रहा था विदेश की सैर
एसटीएफ की जांच में पता चला है कि आरोपी लोंगहुई अन्य चीनी नागरिकों को विदेश की सैर करा रहा था। उसके लैपटॉप और मोबाइल की जांच में इस संबंध में कुछ साक्ष्य मिले हैं। इनके जरिये चीनी नागरिकों के हवाई टिकट कराए गए थे। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वर्तमान में नोएडा और आसपास के इलाकों में कितने चीनी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं और क्या कर रहे हैं।
पूर्वोतर की दो लड़कियां जांच के दायरे में
नोएडा में पकड़े गए चीनी नागरिकों ने पूर्वोतर राज्यों की लड़कियों को अपनी प्रेमिका बना रखा था। लोंगहुई के साथ भी पूर्वोतर राज्य की दो लड़कियां रह रही थीं। एसटीएफ उनकी भी जांच कर रही है। इस मामले में चार साल पहले गिरफ्तार हुए सुफाई की प्रेमिका पेटेख रेनुओ मिजोरम की रहने वाली थी।
हैदराबाद और गौतमबुद्ध नगर में गिरोह सक्रिय
नोएडा एसटीएफ की जांच में भी यह खुलासा हो चुका है कि चीन के ठग गैंग की सबसे अधिक सक्रियता हैदराबाद और गौतमबुद्ध नगर में है। एसटीएफ की जांच में सबसे अहम नाम जिंडी का सामने आया था। उसने गेमिंग ऐप बनाए थे। उसके खिलाफ पहला मुकदमा हैदराबाद में दर्ज हुआ था। नोएडा एसटीएफ भी उसे वांछित कर चुकी है। बताया जा रहा है कि जिंडी वर्तमान में चीन में बैठकर पूरा नेटवर्क चला रहा है। पूर्व में नोएडा एसटीएफ ने गोरो ऐप के माध्यम से ठगी करने वाले दो चाइनीज को गिरफ्तार किया था। हैदराबाद पुलिस ने इस ऐप को बनाने वाले लि जोहंगजुन को पकड़ा था। उनके साथ ऐप का काम करने वाली महिला साथी जेहंगयान में नोएडा छोड़ चुकी है।



