ग्रीन कॉरिडोर से 45 मिनट का सफर अब 15 मिनट में होगा पूरा, CM योगी बोले- मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं…

लखनऊ तेजी से एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज लखनऊ सच मायनों में “मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं” की भावना को साकार कर रहा है। नए भारत के आधुनिक शहरों की सूची में लखनऊ लगातार आगे बढ़ रहा है और यहां तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
ग्रीन कॉरिडोर से यातायात होगा सुगम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी में तैयार किया जा रहा ग्रीन कॉरिडोर लगभग 28 किलोमीटर लंबा है। यह कॉरिडोर शहर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाएगा। पहले जिन मार्गों पर लोगों को 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग जाता था, अब वही दूरी मात्र 10 से 15 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि शहर में लगने वाले जाम की समस्या में भी काफी हद तक कमी आएगी।
बुनियादी ढांचे के साथ अन्य क्षेत्रों का भी विकास
राजधानी में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध कब्जों से जमीन को मुक्त कराया जा रहा है और उन स्थानों पर करोड़ों रुपये की लागत से नई परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप शहर में नई सुविधाएं और आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित हो रही हैं।
शहीद पथ और किसान पथ से मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान तत्कालीन भूतल परिवहन मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ को शहीद पथ की सौगात दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से किसान पथ का निर्माण कराया गया। किसान पथ ने राजधानी के बाहरी रिंग रोड के रूप में लखनऊ को नई पहचान दिलाई है। आज ये दोनों मार्ग शहर के भविष्य के विस्तार और विकास की मजबूत आधारशिला बन चुके हैं।
रक्षा उत्पादन और टेक्नोलॉजी का बनता केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ अब केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि उभरती तकनीक और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से यहां ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना की स्थापना की गई है। इस परियोजना में प्रदेश के युवा इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ अपनी प्रतिभा का योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एकेटीयू, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई से पढ़े युवाओं को अब अपने ही राज्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। साथ ही राज्य सरकार लखनऊ को “स्टेट कैपिटल रीजन” के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों का संतुलित और तेज विकास संभव हो सकेगा।
झूलेलाल वाटिका को मिला नया स्वरूप
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, वह झूलेलाल वाटिका है। कभी इस स्थान पर अवैध कब्जा हो गया था, लेकिन उसे हटाकर फिर से जनता के उपयोग के लिए विकसित किया गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व है और यहां भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच भी आयोजित किए जा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश बनेगा देश का ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक चुनौतियां और युद्ध जैसी परिस्थितियां हैं, लेकिन मजबूत नेतृत्व के कारण भारत निरंतर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश भी इस विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और देश के “ग्रोथ इंजन” के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।
राज्य सरकार लखनऊ को बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश, तकनीक और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का केंद्र बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
निर्माण कर्मियों का किया सम्मान
ग्रीन कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री मनकामनेश्वर मंदिर के पास पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया और उन्हें पुरस्कृत भी किया। इसके साथ ही सभी कर्मियों के साथ समूह फोटो भी खिंचवाया गया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा और संजय सेठ सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, जय देवी, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा और लालजी प्रसाद निर्मल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।



