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अलीगढ़: होली मिलन समारोह से लौट रहे युवकों को गोली मारी, एक की मौत; दूसरा घायल

यूपी के अलीगढ़ में गांधीपार्क थाना क्षेत्र के छर्रा अड्डा पुल के नीचे श्री वार्ष्णेय कॉलेज के बाहर शनिवार को दिनदहाड़े बाइक सवार युवकों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। फायरिंग में कॉलेज का एक छात्र भी गोली लगने से घायल हो गया। दोनों कॉलेज के बाहर होली खेलने के बाद खड़े थे, तभी दूसरे गुट के युवकों ने आकर फायरिंग कर दी। एसएसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार दोनों गुटों में पिछले छह माह से रंजिश चली आ रही है।

मडराक क्षेत्र के गांव नौहटी निवासी 20 वर्षीय अंशू तोमर पुत्र शिवकुमार सासनीगेट थाना क्षेत्र के पीतल कारखाना में मजदूरी करता था। शनिवार दोपहर को वह रोज की तरह कारखाने में गया था। वहां से उसका दोस्त महेंद्र नगर निवासी पृथ्वीराज पुत्र रुपेंद्र चौहान उसे बुला लाया। इसके बाद अंशू, पृथ्वी व अन्य लोग कॉलेज के सामने वार्ष्णेय मंदिर के पास खड़े थे। कुछ देर पहले ही सभी ने आपस में होली खेली थी। तभी 12:37 बजे अचल की तरफ से दो बाइकों पर चार युवक आए। इनमें मडराक क्षेत्र के गांव पाली रजापुर निवासी धीरज ठाकुर, गोलू ठाकुर, राजा शामिल थे।

आरोपियों ने आते ही पहले पृथ्वी को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद दूसरी गोली मारी, जो अंशू के पीठ में जा लगी। वह जमीन पर लहूलुहान हालत में गिर गया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। आनन-फानन आसपास के लोग एकत्रित हुए। पुलिस की मदद से अंशू व पृथ्वी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां अंशू की मौत हो गई।

वर्चस्व की जंग में पृथ्वी ने काटी थी तलवार से धीरज की अंगुली

श्री वार्ष्णेय कॉलेज के बाहर हुई घटना ने सभी को दहला दिया। फायरिंग से आसपास के दुकानदार सहम गए। कोई कुछ समझ नहीं पाया, कि अचानक आए छात्रों ने हमला क्यों किया? पुलिस की जांच में सामने आया है कि गोली मारने वाले धीरज व घायल छात्र पृथ्वी के बीच सात माह से रंजिश चली आ रही है, जो वर्चस्व में बदल गई। इसी बीच चार माह पहले पृथ्वी ने तलवार से धीरज की उंगली काट दी थी। इसी को लेकर हुए मुकदमे में पृथ्वी जेल गया था। कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आया है। परिजनों ने भी उसी पर शक जताया है कि अंशू को गोली मरवाने में उसकी साजिश है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

घायल पृथ्वी वार्ष्णेय कॉलेज में पढ़ता है, जबकि धीरज ठाकुर डीएस कॉलेज से रस्टीकेट है। पृथ्वी अपने कॉलेज व धीरज डीएस कॉलेज में सक्रिय रहता है। पुलिस के अनुसार करीब सात-आठ माह में दोनों में रंजिश चल रही है। पूर्व में धीरज वार्ष्णेय कॉलेज में आता जाता था। इसके पीछे किसी लड़की से बातचीत की भी चर्चा हो रही है। यह बात पृथ्वी को नागवार गुजरती थी। इसे लेकर दोनों एक-दो बार आमने-सामने भी आ गए। लेकिन, मामला पुलिस तक नहीं पहुंचा। 17 अक्टूबर 2025 को धीरज ने गांधीपार्क थाने में पृथ्वी व अन्य लोगों के खिलाफ हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि वह खाना खाने के लिए वार्ष्णेय कॉलेज के सामने गया था। वहां पृथ्वी, विजेंद्र, हनी व तीन अज्ञात लोग धारदार हथियार, पंच व तलवार लेकर पहुंचे।

आरोपियों ने तलवार से वार करके धीरज का सिर फाड़ दिया और उंगली काट दीं। इसी मुकदमे में पुलिस ने पृथ्वी को जेल भेजा था। जबकि पृथ्वी का कहना है कि इस घटना से पहले धीरज व उसके साथियों ने भी उससे मारपीट की थी। उसने रैगिंग का भी आरोप लगाया। लेकिन, उसका मुकदमा नहीं लिखा गया। अब कुछ दिन पहले ही पृथ्वी जेल से छूटकर आया है। चर्चा है कि शनिवार सुबह पहले पृथ्वी धीरज को तलाशते हुए डीएस कॉलेज के पास पहुंचा था। लेकिन, वह नहीं मिला। इसके बाद धीरज ने आकर ये घटना कर डाली। बताया जा रहा है कि धीरज पूर्व में एक मुकदमे में जेल जा चुका है।

पूर्व के मुकदमे में मृतक के गांव का युवक था नामजद

अक्टूबर 2025 में धीरज की ओर से कराए गए मुकदमे में पृथ्वी के अलावा हनी सिंह व विजेंद्र तोमर को भी नामजद किया गया था। विजेंद्र अंशू के गांव का भाई है। बताया जा रहा है कि अंशु के रिश्ते में भाई है। ऐसे में पुलिस इस बिंदु पर भी काम कर रही है कि धीरज ने विजेंद्र से बदला लेने के लिए तो उसके भाई की हत्या कर दी।

घटना से कुछ देर पहले दरोगा ने की थी बात

घटनास्थल पर कई छात्र एकत्रित थे, जो होली खेल रहे थे। घटना से कुछ देर पहले ही क्षेत्रीय चौकी के दरोगा वहां से गुजर रहे थे, तब उन्होंने भी रुककर युवकों से बात की थीं। युवकों को वहां से हटने की हिदायत देते हुए अचल की तरफ चले गए थे। इसके बाद धीरज साथियों के साथ आया। उसे देख पृथ्वी भागने लगा। तभी धीरज ने गोली चला दी। पैर में गोली लगने से पृथ्वी गिर गया। इसी बीच भाग रहे अंशू को भी उसने गोली मार दी। शुरुआत में चर्चा थी कि एक अन्य युवक को भी आंख में गोली लगी थी। लेकिन, पुष्टि नहीं हो सकी।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

मामले में अंशू के परिजनों ने धीरज ठाकुर, गोलू ठाकुर उर्फ प्रशांत, राजा पुत्र लक्ष्मण व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही शक जताया है कि घटना के पीछे पृथ्वी की साजिश है। ऐसे में पुलिस कस्टडी में पृथ्वी का इलाज चल रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले, जिसमें आरोपी नजर आए हैं। घटना के बाद आरोपी के दुबे के पड़ाव स्थित कैफे में होने की सूचना मिली। पुलिस ने वहां दबिश दी, मगर वह फरार हो गया।

फेफड़ा फटने से हुई युवक की मौत

पोस्टमार्टम के बाद पुलिस के शव परिजनों के हवाले कर दिया। अंशू को कंधे के नीचे की तरफ से एक ही गोली गोली लगी थी, जिसने फेफड़ा फाड़ दिया। इसी के चलते मौत हुई। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। उसके चाचा प्रयागराज में रहते हैं। उनके आने का इंतजार किया जा रहा था।

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