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भारत ने रचा इतिहास, साल खत्म होने से पहले जीता विश्वकप, स्क्वैश वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में क्या हुआ पढ़िए

चेन्नई: भारत ने स्क्वैश वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब किसी एशियाई देश ने खिलाफ को अपने नाम किया है। रविवार को फाइनल मुकाबले में भारत ने हांगकांग को 3-0 से करारी शिकस्त दी। इससे पहले भारतीय टीम कभी भी फाइनल में नहीं पहुंची थी। 2023 में टीम को सेमीफाइनल में हार मिली थी। 2028 लॉस एंजिल्स में इस खेल का ओलंपिक में भी डेब्यू होने जा रहा है।

भारतीय टीम का प्रदर्शन इस मिक्स्ड-टीम इवेंट में शानदार रहा। टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता प्राप्त भारत ने एक भी मुकाबला गंवाए बिना खिताब अपने नाम किया। ग्रुप स्टेज में भारत ने स्विट्जरलैंड और ब्राजील को 4-0 से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में दक्षिण अफ्रीका और सेमीफाइनल में दो बार की चैंपियन मिस्र को 3-0 से मात दी।

रविवार को फाइनल में अनुभवी जोशना चिनप्पा ने दुनिया की नंबर 37 खिलाड़ी ली का यी को 3-1 से हराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने यह मैच 7-3, 2-7, 7-5, 7-1 से जीता। इसके बाद, एशियाई खेलों की पदक विजेता अभय सिंह ने दुनिया के 42वें नंबर के खिलाड़ी एलेक्स लाउ को 3-0 से हराया। उन्होंने यह मैच 7-1, 7-4, 7-4 से जीता। अंत में 17 साल की अनाहत सिंह ने दुनिया की नंबर 31 खिलाड़ी टोमैटो हो को 3-0 से हराकर भारत के लिए खिताब पक्का किया। इस मैच में उन्हें 7-2, 7-2, 7-5 से जीत मिली। भारत के राष्ट्रीय पुरुष एकल चैंपियन वेलावन सेंथिलकुमार को फाइनल में हेनरी लियुंग के खिलाफ खेलने की जरूरत ही नहीं पड़ी।

इस टूर्नामेंट में 12 देशों ने हिस्सा लिया था। इसमें भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मिस्त्र, हांगकांग, ईरान, जापान, मलेशिया, पोलैंड, साउथ अफ्रीका, साउथ अफ्रीका और स्विटजरलैंड शामिल हैं। 1996 में स्क्वैश विश्व कप की शुरुआत हुई थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहला खिताब जीता था। इसके बाद 1999 में इंग्लैंड की टीम चैंपियन बनी। फिर 12 साल बाद 2011 में इसका आयोजन हुआ तो मिस्त्र ने खिताब अपने नाम किया। 12 साल के बाद 2023 में हुए विश्व कप को भी मिस्त्र ने जीता था।

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