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जेल में हुई दोस्ती, बाहर निकलते बने प्रॉपर्टी डीलर, फर्जी रजिस्ट्री से कब्जा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार

नोएडा पुलिस ने फ़र्ज़ी रजिस्ट्री कराकर जमीनों पर कब्जा करने के मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सलारपुर खादर सेक्टर 81 क्षेत्र में खाली पड़े प्लाट को प्लानिंग करके फर्जी रजिस्ट्री कराने और दूसरों के कब्जा करके पैसे कमा रहे थे। आरोपी अलग-अलग मामलों में गाजियाबाद जेल में थे, उसी दौरान दोस्ती हुई थी।

प्लाट का मालिक बनकर फर्जी रजिस्ट्री की थी 

नोएडा पुलिस मीडिया कमिश्नरेट ने बताया कि रविवार को थाना फेस-2 पुलिस द्वारा मैनुअल इंटेलिजेंस व गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर मकान पर कब्जा करने शिवा उर्फ शिबू पुत्र सुरेश, दिनेश पुत्र रामफल, ज्ञानेन्द्र उर्फ ज्ञानी  पुत्र धर्मपाल और राजवीर पुत्र रिछपाल को थाना क्षेत्रांतर्गत सलारपुर खादर शिवशक्ति एन्क्लेव, सेक्टर-81 नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति ने रविवार को थाना फेस-2 पर सूचना दी गयी कि उसके मकान के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर राजवीर को मकान मालिक बनाकर 22000 रुपये में मकान की रजिस्ट्री नेहा पत्नी दिनेश के नाम कर दी है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि कूटरचित दस्तावेज तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी रजिस्ट्री कराकर दूसरों के प्लॉट/ मकान पर कब्जा किया जाता था।

चारों आरोपियों की जेल में हुई थी दोस्ती

शिवा उर्फ शिबू, दिनेश व ज्ञानेन्द्र उर्फ ज्ञानी की मुलाकात एक-दूसरे से गाजियाबाद जेल में अलग-अलग मामलों में सजा काटने के दौरान हुई थी। आरोपियों द्वारा जेल से रिहा होने के बाद प्लॉट/ मकान पर कब्जा करने के लिए प्रापर्टी डीलिंग का काम शुरु किया। जिसमें आरोपी शिवा उर्फ शिबू प्रॉपर्टी डीलर और दिनेश व ज्ञानेन्द्र उर्फ ज्ञानी ग्राहकों को लाने का कार्य किया जाता था। इसी योजना केतहत एक शराबी किस्म के अभियुक्त राजवीर को अपने योजना में शामिल करते हुए इस घटना को अंजाम दिया था।

जेल से छूटने के बाद चारों दोस्तों ने शुरू किया काम

शिवा उर्फ शिबू, ग्राम दुजाना, थाना बादलपुर, गौतमबुद्धनगर का निवासी है जो कि थाना सिहानीगेट पर हत्या के केस में 2007 से वर्ष 2019 तक गाजियाबाद जेल मे बंद रहा था।

दिनेश पुत्र रामफल, इन्द्रापुरी, मोदीनगर,  गाजियाबाद का निवासी है जो कि वर्ष 2009 से वर्ष 2010 तक वर्ष 2012 से वर्ष 2022 तक अलग- अलग मामलों में गाजियाबाद जेल में बंद रहा था, इस दौरान आरोपी शिवा उर्फ शिबू व अभियुक्त दिनेश की मित्रता हुई।  ज्ञानेन्द्र उर्फ ज्ञानी, ग्राम रोरी, मोदीनगर,  गाजियाबाद का निवासी है जो कि वर्ष 2021 से वर्ष 2022 तक गाजियाबाद जेल में बंद रहा था। इस दौरान ज्ञानेन्द्र व अभियुक्त दिनेश की मित्रता हुई थी।

मजबूरी बताकर बेचते थे प्लॉट

शिवा उर्फ शिबू द्वारा प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य और दिनेश व ज्ञानेन्द्र उर्फ ज्ञानी ग्राहकों को लाने का कार्य करते थे। शिवा उर्फ शिबू द्वारा जेल में हुई मित्रता के आधार पर अभियुक्त दिनेश व ज्ञानेन्द्र उर्फ ज्ञानी से सम्पर्क किया। इसके बाद शिवशक्ति एन्क्लेव, सलारपुर खादर, सेक्टर-81 नोएडा में खाली पड़े प्लॉट तथा मकानों को चिह्नित कर उनमें से एक मकान की रजिस्ट्री के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर राजवीर जो कि सलारपुर थाना सेक्टर-39 नोएडा का निवासी है। राजवीर द्वारा 100 गज के प्लॉट का स्वामी बनकर मात्र 22000 रुपये फर्जी रजिस्ट्री कर दी।  यह एक ऐसा गिरोह है जो खाली पड़े प्लॉट व मकानों की निगरानी/चिह्नीकरण कर फर्जी रजिस्ट्री करा देता था तथा सिविल मामला बना लेता था। जिससे पीड़ित व्यक्ति परेशान होकर या तो प्लॉट छोड़ देता था या सस्तें दामों में इन्हीं को अपना प्लॉट मजबूरी में बेच देता था।

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