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20 लाख में जमीन बेचकर 2 भाइयों ने शुरू की नकली पनीर की फैक्ट्री, रोज कमा रहे थे लाखों का मुनाफा

नोएडा में पुलिस ने पेंटिंग रंग,केमिकल और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक एग्री उत्पाद को मिलकर पनीर तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 1400 किलोग्राम नकली पनीर, उसे तैयार करने वाली मशीन और कच्चा माल बरामद किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर अलीगढ़ स्थित फैक्टरी को सील कर दिया गया।

पुलिस ने रविवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सेंट्रल नोएडा जोन के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पुलिस टीम को शनिवार शाम सूचना मिली कि नकली पनीर तैयार कर दिल्ली-एनसीआर में बेचने वाले गिरोह के लोग सेक्टर-63 क्षेत्र में महिंद्रा पिकअप लेकर आने वाले हैं। टीम ने सूचना को पुख्ता कर तीन लोगों को पकड़ लिया।

वाहन को जिला अलीगढ़ के सहजपुरा गांव निवासी गुलफाम चला रहा था। उसके साथ गांव निवासी नावेद और इकलाख थे। महिंद्रा पिकअप में रखे नीले रंग के प्लास्टिक के ड्रम में करीब 14 कुंतल पनीर रखा था। पूछताछ में गुलफाम ने बताया कि वह पनीर को अपने गांव स्थित फैक्टरी से लेकर आया है। इस पनीर की सप्लाई दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय बाजारों में की जानी है। यह पनीर नकली है। इस पर पुलिस ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से पनीर का नमूना जांच के लिए भिजवा दिया। पूछताछ में पता चला कि सहजपुरा गांव में गुड्डू उर्फ रहीश और उसका भाई अफसर मिलकर नकली पनीर तैयार करने वाली फैक्टरी संचालित करते हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस ने गुड्डू को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर अलीगढ़ से पनीर बनाने वाली मशीन, 25-25 किलो वजनीर पांच बोरे प्रीमियम क्वालिटी का एग्री प्रोडक्ट सार्टेक्ट क्लीन,दो टीन रिफाइंड,चार किलो केमिकल,एक मिक्सर ग्राइंडर,दो शीशी पेंटिंग रंग बरामद हुए। मुख्य आरोपी का भाई अफसर फरार है।

क्रीमी बनाने के लिए रिफाइंड का इस्तेमाल

पूछताछ में गुड्डू ने बताया कि खरीदार द्वारा तय की गई रकम के आधार पर सामग्री की मात्रा तय होती थी। सॉर्टेक्स क्लीन को पानी में भिगोया जाता। 25-25 किलो की दो बोरियों को आठ कुंतल पानी या सपरेटा लिक्विड के साथ उबाला जाता। उसे सफेद करने के लिए पेंटिंग रंग मिलाया जाता। फिर नीले डिब्बे वाला केमिकल डालकर मिश्रण को फाड़ा जाता है ताकि पनीर जैसा रूप बने। कपड़े में बांधकर ठंडे पानी में डाला जाता। फिर दबाकर पानी निकाला जाता है। पनीर को क्रीमी बनाने के लिए रिफाइंड ऑयल मिलाया जाता है।

सभी की अलग-अलग थी जिम्मेदारी

महिंद्रा पिकअप चालक गुलफाम ने पुलिस को बताया कि सभी आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं। गुड्डू और अफसर फैक्टरी का पूरा काम देखते। वह दिल्ली-एनसीआर में नकली पनीर को लाकर बेचने का काम करता है। वह अपने साथ नए लोगों को मजदूरी पर लेकर आता था ताकि उन्हें नकली पनीर बनाने के कारोबार का पता न चल सके।

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