यूपी में जमीन-मकान की रजिस्ट्री फीस को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला, जानें नया आदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और डिजिटल बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 20 हजार रुपये से अधिक की रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से जमा कराई जाएगी। इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने नया आदेश जारी कर सभी संबंधित कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
सरकार का उद्देश्य नकद लेनदेन को कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और आमजन को सहूलियत प्रदान करना है। ऑनलाइन भुगतान के लागू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ भी कम होगी। नई डिजिटल व्यवस्था से जमीन-मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और त्वरित होगी।
पहली चरण में लागू होने वाले जिले
इस नई व्यवस्था को सोमवार से लागू कर दिया गया है। पहले चरण में यह सुविधा निम्नलिखित जिलों में शुरू होगी:
आज़मगढ़, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, सीतापुर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, बरेली, अमरोहा, कानपुर नगर, फतेहपुर, देवरिया, चित्रकूट, बागपत, कासगंज, एटा, रामपुर, इटावा, महोबा, हरदोई, बस्ती, अंबेडकरनगर, जौनपुर, कौशांबी, भदोही, महाराजगंज, बहराइच और मऊ।
सैनिकों को आवास विकास योजनाओं में विशेष छूट
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने सेवारत और सेवानिवृत्त सशस्त्र व अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों के लिए नववर्ष पर विशेष राहत की घोषणा की है। परिषद की 274वीं बैठक में निर्णय लिया गया कि ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना के तहत फ्लैट बुकिंग पर सैनिकों को अधिकतम 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
ऑनलाइन सुविधा और छूट की शर्तें
यह सुविधा परिषद के ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में परिषद लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद और आगरा में रेडी टू मूव फ्लैट्स का आवंटन कर रही है।
सामान्य नागरिकों को एकमुश्त भुगतान पर 15 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है, वहीं सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों के लिए यह छूट बढ़ा कर 20 प्रतिशत कर दी गई है। भुगतान की समय सीमा के अनुसार छूट की स्थिति इस प्रकार है:
-
60 दिनों के भीतर पूर्ण भुगतान: 20% छूट
-
61 से 90 दिनों में भुगतान: 15% छूट
-
91 से 120 दिनों में भुगतान: 10% छूट
योजना की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।



