यूपी में महिलाएं भी कर सकेंगी नाइट शिफ्ट, श्रमिकों के लिए नए नियमों पर योगी कैबिनेट की मुहर

यूपी में श्रमिकों के लिए कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की तैयारी है। व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशाएं संहिता-2020 तथा उत्तर प्रदेश व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशाएं संहिता नियमावली-2026 के तहत अब सभी कर्मकारों और श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। हर साल नियोक्ता के खर्च पर श्रमिकों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा नियमावली-2026 के प्रख्यापन संबंधी श्रम विभाग के प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
नई व्यवस्था में अलग-अलग पंजीकरण कराने की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है। नियोजकों के लिए अलग-अलग पंजीकरण के स्थान पर एकल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इसी तरह ठेका श्रमिकों, अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों और अन्य निर्धारित श्रेणियों के लिए एकीकृत अनुज्ञप्ति की व्यवस्था होगी।
काम के घंटे और विश्राम का भी होगा निर्धारण
संहिता में श्रमिकों के काम के घंटे और विश्राम की अवधि को विनियमित करने का प्रावधान है। कार्यस्थल पर पेयजल, शौचालय, स्नानागार, विश्राम कक्ष, कैंटीन और प्राथमिक उपचार जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
महिलाएं रात में भी सहमति से कर सकेंगी काम
महिला कर्मचारियों को उनकी सहमति से सभी तरह के प्रतिष्ठानों और रात्रिकालीन कार्य में नियोजित किया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करना अनिवार्य होगा। इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। संविदा श्रमिकों के नियोजन को भी नियमों के दायरे में लाया गया है। पहली बार प्रतिष्ठान की कोर एक्टिविटी में संविदा श्रमिकों के नियोजन पर प्रतिबंध का प्रावधान किया गया है।
दुर्घटना की सूचना देना अनिवार्य
कार्यस्थल पर गंभीर दुर्घटना या व्यावसायिक खतरा सामने आने पर इसकी सूचना सक्षम प्राधिकारी को देनी होगी। आवश्यकतानुसार जांच भी कराई जाएगी। नियोक्ता को कार्यस्थल पर जोखिम का आकलन करने, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी उपाय करने की जिम्मेदारी दी गई है। पंजीकरण, अभिलेखों के रखरखाव और विवरणियां दाखिल करने की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से की जा सकेगी। साइट प्लान के अनुमोदन, भवन योजना में संशोधन और स्थिरता प्रमाण पत्र के लिए भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होगी। साइट प्लान की जांच चेकलिस्ट के आधार पर मानकों के अनुसार की जाएगी।



