ग्रेटर नोएडा के इस गांव ने लगाया DJ पर बैन, नियम तोड़ा तो ‘हुक्का-पानी’ होगा बंद

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के जेवर इलाके में स्थित नवादा गांव में रहने वाले लोगों ने आज बहुत महत्वपूर्ण फैसला लिया है। शादी और अन्य खुशियों के मौके पर बजने वाले डीजे को लेकर पंचायत का बड़ा फैसला आया है। खुशियों के कार्यक्रम में लोगों ने आज के बाद डीजे न बजाने का निर्णय लिया है। करीब 5 हजार आबादी वाले गांव में लोगों ने एकमत होकर यह निर्णय लिया है। अगर गांव में किसी ने इस नियम को तोड़ने की कोशिश की तो अन्य ग्रामीणों की ओर से उस व्यक्ति और परिवार के खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाएगा।
दरअसल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 35 किलोमीटर दूर जेवर क्षेत्र के नवादा गांव में आज पंचायत का आयोजन हुआ। इसमें ग्रामीणों ने शादियों में डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी। उल्लंघन करने पर सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया। पूर्व प्रधानाचार्य नरपत सिंह नागर ने ध्वनि प्रदूषण से हार्ट अटैक जैसी स्वास्थ्य समस्याओं पर चेतावनी दी। अन्य कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लेते हुए गांव में शांति और अनुशासन बनाए रखने का भरोसा जताया।
गांव में 5 हजार लोगों की आबादी
जेवर क्षेत्र में स्थित नवादा गांव में करीब पांच हजार लोग अपने परिवार के साथ रहते है। रविवार को इस गांव में एक पंचायत बुलाई गई। इसमें गांव के मुख्य लोगों के साथ सैकड़ों ग्रामीण भी पहुंचे। आयोजित की गई पंचायत में ग्रामीणों ने शादियों में डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक लगाने का बड़ा फैसला किया। पंचायत में सभी वर्गों के सैकड़ों लोग मौजूद थे। सभी ने एकमत होकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
पंचायत के दौरान ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब गांव में किसी बेटे या बेटी की शादी में डीजे की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई इस नियम को तोड़ता है या नहीं मानता है, तो उसकी शादी का सामाजिक बहिष्कार होगा। यही नहीं, गांव वाले उसके किसी भी आयोजन में हिस्सा भी नहीं लेंगे। इस फैसले पर ग्रामीणों में जबरदस्त एकता नजर आई।
पूर्व प्रधानाचार्य ने बताई स्थिति
पंचायत बैठक में पूर्व प्रधानाचार्य नरपत सिंह नागर ने डीजे की जोरदार आवाज से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं पर रोशनी डाली। पंचायत में उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण से लोगों को कई रोग हो जाते हैं। उन्होंने उन घटनाओं का उल्लेख भी किया जहां तेज ध्वनि की वजह से हार्ट अटैक जैसी घटनाएं हुई और कुछ लोगों की जान तक चली गई। इस मौके पर ग्रामीणों ने दूसरी सामाजिक बुराइयों पर भी बात की और उन्हें खत्म करने का प्रण लिया।
पंचायत का मानना है कि गांव की रीति-रिवाजों और सामाजिक सामंजस्य को सुरक्षित रखने के लिए ये कदम जरूरी हैं। ग्रामीणों को भरोसा है कि इस फैसले से गांव में शांति, भाईचारा और अनुशासन कायम रहेगा, जो समाज को एक सकारात्मक संदेश देगा। इस मौके पर जिला गौरक्षक प्रमुख राष्ट्रीय बजरंग दल गौतमबुद्ध नगर के त्रिलोक नागर, विवेक नागर, अजीत मास्टर, विक्रम मास्टर समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।



