अंतर्राष्ट्रीय

रूस के कामचटका प्रायद्वीप पर ज्वालामुखी विस्फोट, राख का गुबार 4 किमी ऊपर तक पहुंचा

रूस के कामचटका में बीते दिनों 8.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके कुछ दिनों बाद ही 450 साल से शांत एक ज्वालामुखी फट गया है। क्राशेनिनिकोव नाम के इस ज्वालामुखी के फटने से 6,000 मीटर की ऊंचाई तक राख का गुबार उठा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। आपातकालीन सेवाओं ने इस ज्वालामुखी के फटने के बाद विमानों के लिए ‘ऑरेंज’ एविएशन अलर्ट जारी किया है।

कई किलोमीटर तक उठा राख का विशाल गुबार

स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के ग्लोबल वोल्केनिज्म प्रोग्राम के मुताबिक, क्राशेनिनिकोव ज्वालामुखी 1550 के बाद से शांत था। रूसी राज्य मीडिया द्वारा जारी की गई तस्वीरों में राख का विशाल गुबार साफ देखा जा सकता है। कामचटका के आपातकालीन मंत्रालय ने टेलीग्राम पर बताया कि राख का गुबार ज्वालामुखी से पूर्व की तरफ प्रशांत महासागर की ओर फैल रहा है। अच्छी बात यह है कि इसके रास्ते में कोई भी आबादी वाला इलाका नहीं है और अभी तक किसी भी जगह राख गिरने की खबर नहीं आई है।

पहले आया शक्तिशाली भूकंप और फिर जारी हुई थी सुनामी की चेतावनी

यह ज्वालामुखी विस्फोट उस शक्तिशाली भूकंप के ठीक बाद हुआ है, जिसने सुनामी की चेतावनी जारी कर दी थी। इस भूकंप की वजह से जापान से लेकर हवाई और इक्वाडोर तक के तटीय इलाकों में लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा नुकसान रूस में हुआ, जहां सुनामी ने सेवेरो-कुरिल्स्क के बंदरगाह में एक मछली पकड़ने के कारखाने को भी नुकसान पहुंचाया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह 8.8 तीव्रता का भूकंप रूस के कामचटका प्रायद्वीप में पेट्रोपावलोव्स्क के पास आया था और यह 2011 में जापान में आए 9.1 तीव्रता के भूकंप के बाद सबसे शक्तिशाली भूकंप था।

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