उत्तर प्रदेशराज्‍य

गोरखपुर में बनेगा यूपी का पहला वानिकी विश्वविद्यालय, योगी कैबिनेट की मिली मंजूरी

गोरखपुर। प्रदेश में वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा, वनावरण एवं वृक्षावरण में वृद्धि तथा औद्यानिकी क्षेत्र में बढ़ोतरी के लिए गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इस विश्वविद्यालय में वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा, संरक्षण एवं औद्यानिकी क्षेत्र में उन्नत खेती को तो बढ़ावा मिलेगा ही वन एवं पर्यावरण में दिलचस्पी रखने वाले व्यक्तियों, छात्रों व छात्राओं को वानिकी एवं औद्यानिकी के संबंध में आधुनिक ज्ञान और प्रशिक्षण के साथ-साथ आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभ भी होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की है। 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्रस्तावित यह विश्वविद्यालय कैंपियरगंज के भारीवैसी में बनेगा, जिसके लिए सभी तरह की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष के माध्यम से लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार प्रारम्भिक योजना की अनुमानित लागत 621.26 करोड़ प्रस्तुत की गई है।

​​​​​​​डिग्री के साथ-साथ एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम होंगे संचालित

इस विश्वविद्यालय में बीएससी, एमएससी तथा पीएचडी डिग्री के साथ-साथ एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम संचालित होंगे। इसके तहत वानिकी से संबंधित सेल्यूलोज एवं प्रौद्योगिकी विज्ञान, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं संरक्षण विज्ञान, वन उपज एवं उनके उपयोग विज्ञान, पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विज्ञान, वन्य जीव विज्ञान एवं संरक्षण विज्ञान, सामाजिक एवं सामुदायिक विज्ञान विभाग तथा औद्यानिकी के अंतर्गत फलविज्ञान, पुष्प कृषि और भू-दृश्य निर्माण तथा कटाई उपरान्त प्रौद्योगिकी (पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलाजी) एवं वानिकी तथा औद्यानिकी से संबंधित अन्य समसामयिक विषयों की पढ़ाई होगी।

विश्वविद्यालय में 500 कमरों के छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास, प्रशासनिक भवन, क्लास रूम, आडिटोरियम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल का मैदान बनाया जाएगा। शिक्षकों के लिए आवास का भी निर्माण यहां होगा।

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