गंगा यमुना के क्षेत्र की सबसे बड़ी रियासत ‘असौड़ा रियासत’ जनपद मेरठ उत्तरप्रदेश के चौधरी रघुवीर नारायण सिंह त्यागी स्वतंत्रता सेनानी जी की जयंती पर उनको शत शत नमन

असौड़ा रियासत के चौधरी रघुवीर नारायण सिंह। एक ऐसे कुंवर जो गांधीवादी होकर भी अंग्रेजों के सामने दबंगई करते थे। उनकी वजह से ही मेरठ सहित पश्चिमी यूपी में गांवों से ग्रामीणों ने अंग्रेजों के सामने आकर आंदोलन करने की हिम्मत की थी।
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन Quit India Movement का पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अगुवाई करने वाले असौड़ा रियासत के राजा चौधरी रघुवीर नारायण सिंह त्यागी। सहयोगी के तौर पर झड़ीना के जमींदार चौधरी अतर सिंह तहसीलदार ने आंदोलन के लिए आर्थिक मदद की व उनके भतीजे चौधरी देवी शरण त्यागी भैया जी भी साथ रहे और जेल भी गए। तकरीबन 2 वर्ष जेल की सजा काटी।
”अगर अंग्रेजो के पास सेंकडो राजा हैं तो हमारे पास भी राजा असौड़ा चौधरी रघुबीर नारायण सिंह हैं : महात्मा गाँधी”
आपके दादा राजा श्री हरदयाल सिंह 1857 प्रथम स्वतंत्रा आंदोलन में आखिरी शहंशाह बहादुर शाह ज़फर के कोषाध्यक्ष थे जिनके धन की वजह से आज़ादी का पहला ग़दर लड़ा गया l
चौ. रघुवीर नारायण सिंह त्यागी ने स्वतन्त्रता आंदोलन के दौरान मेरठ में ‘कांग्रेस अधिवेशन 1946’ आयोजित किया जिसकी उन्होंने अध्यक्षता भी की थी। उन्होंने अपना बहुत कुछ धन यश कीर्ति देश के लिए समर्पित करके राष्ट्र आंदोलन में आगे बढ़कर काम किया। उनके चाचा ने भी कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। मेरठ को दे गए गांधी आश्रम (₹10,000 करोड़ की संपत्ति), त्यागी ब्राह्मण बोर्डिंग हाऊस ( ₹1000 करोड़ की संपत्ति) I उन्होंने खादी को प्रमुखता देने के लिहाज से गढ़ रोड मेरठ पर स्थित ‘गांधी आश्रम’ की जमीन खरीदी जिसे उन्होंने डोनेशन के तौर पर दे दिया था। मेरठ का गांधी आश्रम देश भर के खादी ग्रामोद्योग का केंद्रीय कार्यालय भी बना।
देश के हित में सेवा कार्यो के दौरान रघुवीर नारायण सिंह ( जन्म 23 मई 1872 ) का नौ जुलाई 1969 को निधन हो गया।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व चौधरी चरण सिंह सिंह जी असौड़ा महल में ही काफी लंबे अरसे तक रहे थे।
( एक ऐतिहासिक फोटो , असौड़ा गांव ( जनपद हापुड़ ) के चौधरी रघुवीर नारायण त्यागी जी के महल के आगे बनाये गए मंच पर बीच में बैठे महात्मा गांधी और दूसरे चित्र में चौधरी रघुवीर नारायण जी के साथ पंडित जवाहरलाल नेहरू । आजादी से पूर्व का चित्र। )
युग पुरुष को सादर श्रद्धांजलि



