उत्तर प्रदेशराज्‍य

उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा एंड इमरजेंसी नेटवर्क विकसित किया जा रहा : ब्रजेश पाठक

लखनऊ। सड़क हादसा हो या हार्ट अटैक, स्ट्रोक या गंभीर चोट के मामलों में इलाज में देरी मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश में इमरजेंसी सेवाओं को एक नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, सीएचसी, 108 एंबुलेंस, विशेषज्ञ डॉक्टर और डिजिटल रेफरल सिस्टम को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे गंभीर मरीज को गोल्डन ऑवर में सही अस्पताल और समय पर इलाज मिल सकेगा।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने रविवार को एसजीपीजीआई में अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा सम्मेलन एम्पार्व-2026 में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला है। गंभीर मरीज को समय पर सही इलाज मिलना ही कई मामलों में जीवन और मौत के बीच का फर्क तय करता है।

उन्होंने कहा कि इमरजेंसी मेडिसिन को सिर्फ अस्पताल के एक विभाग तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सड़क हादसे, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सेप्सिस और गंभीर चोट के मामलों में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए प्रशिक्षित टीम, तेजी से निर्णय और मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, एसजीपीजीआई निदेशक प्रो. आरके धीमान समेत इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर क्षेत्र के कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।

21 हैंड्स-ऑन वर्कशॉप में प्रशिक्षण

डिप्टी सीएम ने बताया कि एम्पार्व-2026 में 21 हैंड्स-ऑन वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं। सम्मेलन में एक हजार से अधिक डेलीगेट्स, 180 राष्ट्रीय फैकल्टी और अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर व मध्य-पूर्व के विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। डॉक्टरों के साथ नर्सिंग, पैरामेडिकल और रेजिडेंट डॉक्टर भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी जैसे बड़े राज्य में बेहतर इमरजेंसी सेवा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह सकती। गांव से लेकर शहर तक हर जरूरतमंद को समय पर इलाज मिलना चाहिए। सम्मेलन में इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर को बेहतर बनाने, नई तकनीक अपनाने और इलाज के नए मानकों पर भी चर्चा हुई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button