
कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहालीज स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच का पहला दिन पूरी तरह से भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा। सीरीज में 1-0 से आगे चल रही भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 85 ओवरों में 5 विकेट खोकर 300 रन बना लिए हैं। भारत की इस मजबूत स्थिति के मुख्य हीरो रहे देवदत्त पडिक्कल, जिन्होंने 193 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 117 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल ने भी मोर्चे से अगुवाई करते हुए 108 गेंदों में 50 रन बनाए और पडिक्कल के साथ तीसरे विकेट के लिए 120 रनों की बहुमूल्य शतकीय साझेदारी निभाकर टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया।
सलामी जोड़ी का तेज आगाज और पंत की इंजरी से लगा झटका
मैच की शुरुआत में सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने आक्रामक अंदाज दिखाते हुए 53 गेंदों में 9 चौकों के साथ 45 रन बनाए। हालांकि, केएल राहुल ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और टीम इंडिया को 37 के स्कोर पर पहला झटका लगा, जिसके बाद जायसवाल भी 66 के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इसके बाद पडिक्कल और गिल ने पारी को संभाला।
दिन का सबसे खराब पल तब आया जब स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत महज 3 रन बनाकर खेल रहे थे और लहिरु कुमारा की एक शॉर्ट गेंद उनके बाएं हाथ पर लग गई। दर्द और सूजन के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। ऋषभ पंत की इंजरी पर अभी कोई अपडेट सामने नहीं आया है, लेकिन फैंस को उनसे काफी ज्यादा उम्मीदें हैं।
जडेजा का उपयोगी योगदान और श्रीलंकाई गेंदबाजों का प्रदर्शन
पंत के मैदान छोड़ने के बाद क्रीज पर आए अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने संभलकर बल्लेबाजी की और 83 गेंदों में 43 रन बनाकर टीम के स्कोर को 300 के करीब पहुंचाया। श्रीलंकाई गेंदबाजों की बात करें तो तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो अपनी टीम के सबसे सफल बॉलर रहे, जिन्होंने 16 ओवरों में 46 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट (जायसवाल, गिल और जडेजा) चटकाए। लहिरु कुमारा और केशरा नुवांथा को 1-1 सफलता मिली, जबकि टीम के मुख्य स्पिनर प्रभात जयसूर्या पहले दिन कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। फिलहाल क्रीज पर ध्रुव जुरेल 7 रन और सारांश जैन 4 रन बनाकर डटे हुए हैं।



