
नोएडा: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में थाना सेक्टर-20 पुलिस ने मंगलवार को सीए फर्म में निवेश के नाम पर रखे करोड़ों रुपयों की सनसनीखेज चोरी का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता अवनीश समेत गिरोह के 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के पास से 1 करोड़ 48 लाख रुपये की भारी नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है.
नोएडा के एडीसीपी मनीषा सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वासुदेव नाम के एक लॉ फर्म संचालक ने थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज कराई थी. उन्होंने इनवेस्टमेंट के उद्देश्य से लगभग 1.5 से 1.6 करोड़ रुपये सीए आशीष सक्सेना को दिए थे. आशीष के साथ उनके पार्टनर आदर्श, भरत और अवनीश भी काम देखते हैं. पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अवनीश ने फर्म में करीब 46 लाख रुपये लगाए थे, लेकिन उसे मनमुताबिक रिटर्न नहीं मिल रहा था.
जब उसे पता चला कि आशीष के सेक्टर-25 स्थित गैराज में वासुदेव द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये रखे हैं, तो उसने अपने रिश्तेदार जीतू और अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी का फुलप्रूफ प्लान बनाया. 11 अगस्त की रात आरोपियों ने गैराज से भारी नकदी पार कर दी और रकम को अलीगढ़ में छुपा दिया.
नोएडा के सेक्टर-20 थाना पुलिस, एसीपी और सर्विलांस टीम ने करीब 400 से 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्ध गाड़ियों की पहचान की. गलत नंबर प्लेट वाली संदिग्ध कार का पीछा करते हुए पुलिस ने पूरी वारदात की कड़ियों को जोड़ा और अवनीश कुमार मास्टर माइंड, पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, जितेन्द्र उर्फ जीतू, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान आरोपियों को धर दबोचा.
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से 1 करोड़ 48 लाख रुपए और बिना नंबर की ऑरा कार बरामद हुई है. पकड़े गए आरोपियों में जीतू और पवन का पहले से लंबा आपराधिक इतिहास रहा है.



