उत्तर प्रदेशराज्‍य

यूपी में जमीन खरीद पर मिलेगी छूट, इन इलाकों में 50 प्रतिशत मिलेगा अनुदान, किसे मिलेगा लाभ?

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जारी की गई नई एसओपी (SOP) के तहत, प्रदेश में निवेश करने वाली जीसीसी इकाइयों को भूमि खरीद पर ‘फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी’ दी जाएगी। सरकार की इस नीति का प्राथमिक उद्देश्य आईटी और सेवा आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना और पूर्वांचल व बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खोलना है।

क्षेत्रवार सब्सिडी: बुंदेलखंड और पूर्वांचल को प्राथमिकता

नई नीति के अंतर्गत प्रदेश को विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में बांटकर सब्सिडी की दरें तय की गई हैं ताकि संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके:

  • पूर्वांचल और बुंदेलखंड: निवेश को गति देने के लिए यहां सर्वाधिक 50 प्रतिशत भूमि सब्सिडी दी जाएगी।
  • पश्चिमांचल एवं मध्यांचल: गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर इन क्षेत्रों में 40 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है।
  • गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद: इन औद्योगिक केंद्रों में पात्र इकाइयों को 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।

सरकारी भूमि पर ही मिलेगा लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सब्सिडी केवल उन्हीं परियोजनाओं के लिए मान्य होगी जो राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA), विकास प्राधिकरणों या अन्य सरकारी एजेंसियों से भूमि प्राप्त करेंगी। नीति के अनुसार, किराये के परिसर या को-वर्किंग स्पेस में संचालित होने वाली इकाइयों को इस सब्सिडी का लाभ नहीं दिया जाएगा।

कठोर नियम: समय सीमा में कार्य पूर्ण करना अनिवार्य

सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने कड़े मानक तय किए हैं:

  • दी गई भूमि वाणिज्यिक संचालन शुरू होने तक संबंधित सरकारी निकाय के पास मॉर्टगेज (बंधक) रहेगी।
  • यदि कोई इकाई निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना प्रोजेक्ट पूरा करने में विफल रहती है, तो सब्सिडी की राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस वसूल की जाएगी।
  • इस पूरी सब्सिडी का वित्तीय भार औद्योगिक विकास विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।

रोजगार और विकास की नई उम्मीद

इस प्रोत्साहन नीति से उत्तर प्रदेश में आईटी और उच्च-तकनीकी सेवाओं के विस्तार की प्रबल संभावना है। योगी सरकार का मानना है कि इन रियायतों से वैश्विक कंपनियां यूपी की ओर आकर्षित होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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