व्यापार

Paytm यूज़र्स के लिए बड़ा झटका: 31 अक्टूबर तक नहीं किए जरूरी काम तो खाता हो सकता है बंद…

नई दिल्ली: राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों को बड़ी राहत दी है. अब पुराने @Paytm यूपीआई हैंडल से जुड़े सभी ऑटोपे 31 अक्टूबर 2025 तक चालू रहेंगे. इससे पहले इनको 1 सितंबर से बंद करने का निर्देश था. इस फैसले से करीब 1 लाख ग्राहकों को फायदा होगा, जिनके मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिल, ओटीटी प्लेटफॉर्म और बीमा प्रीमियम जैसी सेवाओं की ऑटोमैटिक किस्तें पुराने हैंडल से जुड़ी हुई थीं.

तीसरी बार बढ़ाई समयसीमा

एनपीसीआई ने इस समयसीमा को अब तक तीसरी बार बढ़ाया है. निगम ने व्यापारियों से अनुरोध किया है कि वे तुरंत पेटीएम के साथ मिलकर सभी सक्रिय ऑटोपे को नए बैंक हैंडल में स्थानांतरित करें, ताकि ग्राहकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. कई ग्राहकों ने अभी तक पुराने @Paytm हैंडल से जुड़े ऑटोपे को रद्द नहीं किया है. बार-बार की गई चेतावनी और याद दिलाने के बावजूद भी यह कदम नहीं उठाया गया.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी. पुराने @Paytm हैंडल से जुड़े ऑटोपे अगर समय पर रद्द नहीं किए जाते, तो बिल या सेवाओं की ऑटोमैटिक किस्तें बंद हो सकती थीं, जिससे अतिरिक्त शुल्क या भुगतान में देरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती थीं.

आरबीआई की पाबंदी और एनपीसीआई का आदेश

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले साल पेमेंट्स बैंक में गड़बड़ियों के चलते पेटीएम हैंडल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी. इसके बाद एनपीसीआई ने सभी @Paytm हैंडल को दूसरे बैंकों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया. हालांकि, अब भी कई पुराने हैंडल ऑटोपे से जुड़े हैं, जिससे समय पर भुगतान न होने का खतरा बना हुआ था.

ग्राहकों के लिए जरूरी कदम

ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने @Paytm हैंडल से जुड़े ऑटोपे को रद्द कर दें और नए बैंक हैंडल के साथ नया ऑटोपे सेट करें. ध्यान रहे कि ग्राहकों की सहमति के बिना यह बदलाव तकनीकी तौर पर नहीं किया जा सकता, इसलिए इस प्रक्रिया को स्वयं पूरा करना जरूरी है. एनपीसीआई और पेटीएम दोनों ने ग्राहकों को जागरूक करने के लिए लगातार नोटिफिकेशन और रिमाइंडर भेजे हैं.

इस कदम से ग्राहकों को न केवल भुगतान में परेशानी से बचाव मिलेगा, बल्कि यह वित्तीय लेन-देन को भी सुरक्षित और सुचारू बनाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर बदलाव करने से अनावश्यक शुल्क और सेवा में रुकावट जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है.

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