‘पुलिस मंथन’ की तर्ज पर अब होगी सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर कॉन्फ्रेंस, आयोजन की तैयारियां तेज, CM योगी करेंगे शिरकत

लखनऊ में इस माह के अंतिम सप्ताह में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कान्फ्रेंस आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ फील्ड में तैनात मंडलायुक्त और जिला magistrate (DM) भी शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक चुनौतियों, योजनाओं के क्रियान्वयन, सुशासन और सुधारों पर खुला मंथन करना है।
यह आयोजन आईएएस वीक के स्थान पर होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।
पिछला आयोजन और अवधि
प्रदेश में आईएएस वीक का आयोजन वर्ष 2019 के बाद से नहीं हुआ है। वर्ष 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण यह सम्मेलन स्थगित किया गया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव के पश्चात भी यह आयोजन फिर से शुरू नहीं हो सका था। इसी तरह, पुलिस वीक का आयोजन भी वर्ष 2017 के बाद से बंद चल रहा है।
पुलिस मंथन कार्यक्रम का उदाहरण
इससे पहले पुलिस वीक के स्थान पर दो दिवसीय पुलिस मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कुल 11 सत्र आयोजित किए गए थे, जिनमें नवाचार, एआई (Artificial Intelligence) का उपयोग, बीट पुलिसिंग, मिशन शक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इस सम्मेलन में अपना पूरा समय दिया था।
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पहले दिन: डीजीपी ने आईपीएस अधिकारियों के लिए रात्रिभोज आयोजित किया, जिसमें मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे।
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दूसरे दिन: मुख्यमंत्री ने आईपीएस अधिकारियों के लिए दोपहर भोज का आयोजन किया।
आईएएस कान्फ्रेंस की तैयारियां
इस बार आईएएस अधिकारियों की कान्फ्रेंस 27 से 31 जनवरी के बीच आयोजित करने की योजना है। अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री से समय लेकर कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह सम्मेलन लोक भवन या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर आयोजित किया जा सकता है।
सम्मेलन में चर्चा के मुख्य विषय
इस कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप निम्नलिखित विषयों पर मंथन होने की संभावना है:
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प्रशासनिक रोडमैप और विकास
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कानून-व्यवस्था और सुशासन में जवाबदेही
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परिणाम आधारित प्रशासन
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नवाचार और उत्कृष्ट कार्यपद्धतियां
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जनसुनवाई और लोक संतुष्टि
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योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही
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टेक्नोलॉजी और डाटा आधारित प्रशासन
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एआई, डिजिटल प्लेटफार्म और ई-गवर्नेंस
यह सम्मेलन राज्य प्रशासन में नवाचार और सुशासन को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।



