अब बेल्जियम ने दिया इजरायल को झटका, इस महीने संयुक्त राष्ट्र में बड़े उलटफेर की तैयारी

ब्रुसेल्स: बेल्जियम सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देगा. इसके विदेश मंत्री ने मंगलवार को इसकी घोषणा की.
विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट ने X पर लिखा, “बेल्जियम संयुक्त राष्ट्र सत्र में फिलिस्तीन को मान्यता देगा! और इजराइली सरकार पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.”
जुलाई में, फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि फ़्रांस 9 से 23 सितंबर तक न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र की बैठक में फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देगा.
इसके बाद से एक दर्जन से ज़्यादा पश्चिमी देशों ने भी दूसरों से ऐसा ही करने का आह्वान किया है. प्रीवोट ने कहा कि यह फैसला गाजा में हो रही “मानवीय त्रासदी” को देखते हुए लिया गया है. गौर करें तो यहां इजराइली हमलों ने कम से कम एक बार ज़्यादातर आबादी को विस्थापित कर दिया है और संयुक्त राष्ट्र ने अकाल की घोषणा कर दी है.
प्रीवोट ने लिखा, “इजराइल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करते हुए की गई हिंसा को देखते हुए, नरसंहार के किसी भी खतरे को रोकने के अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों सहित, बेल्जियम को इजराइली सरकार और हमास आतंकवादियों पर दबाव बढ़ाने के लिए कड़े फैसले लेने पड़े.”
उन्होंने आगे कहा, “यह इजराइली लोगों को सजा देने के बारे में नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के बारे में है कि उनकी सरकार अंतर्राष्ट्रीय और मानवीय कानूनों का सम्मान करे और जमीनी स्तर पर स्थिति को बदलने के लिए कार्रवाई करे.”
गौर करें तो बीते साल 2024 को तीन देशों नॉर्वे, स्पेन और आयरलैंड ने फिलिस्तीन राज्य को मान्यता दे दी थी. इस तरह से देखें तो 15 नवंबर 1988 से अब तक 193 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों में से 143 कंट्री ने फिलिस्तीन को मान्यता दी है.
एक दौर था जब फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) के अध्यक्ष यासर अराफात ने इजराइल के साथ अपने संघर्ष के बीच फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य घोषित किया था. इसकी घोषणा के साथ ही अराफात ने यरूशलेम को इसकी राजधानी बनाया था.
बता दें कि इजराइल, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका का भरपूर समर्थन प्राप्त है. मई 1948 में इजराइल में आजाद हुआ था. अपनी स्वतंत्रता की घोषणा के एक साल बाद इजराइल मई 1949 में संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य बन गया था.


