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साइबर ठगी के लिए गिरोह को देते थे बैंक खाते, नोएडा पुलिस ने लखनऊ और उन्नाव से 10वीं पास तीन शातिर दबोचे

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने 3.26 करोड़ रुपये की हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मामले में तीन जालसाजों को लखनऊ और उन्नाव से गिरफ्तार किया है. ये आरोपी अपने बैंक खातों का इस्तेमाल करके ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे. गिरोह को कमीशन पर सहयोग देते थे. गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है.

शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुआ था फर्जीवाड़ा

नोएडा के सेक्टर-27 निवासी पीड़ित से साइबर ठगों ने खुद को रेट फाइन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया. शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया. विश्वास में लेने के बाद उनसे लगभग 3.26 करोड़ रुपये की ठगी की गई. 12 जून को नोएडा साइबर थाने में मामला दर्ज हुआ. पुलिस ने त्वरित जांच शुरू कर संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करवाया. पैसों की ट्रैकिंग करते हुए गिरोह के सरगनाओं तक पहुंची.

तीनों आरोपी लखनऊ और उन्नाव से गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में सन्नी कुमार, दुर्गेश कुमार और विकास कुमार को धर दबोचा है. तीनों को लखनऊ और उन्नाव से गिरफ्तार किया गया है. हैरानी की बात यह है कि आरोपी 10वीं फेल है. एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि सन्नी कुमार ने अपने खाते में ठगी के 23 लाख रुपये प्राप्त किए थे. जिसे उसने निकालकर दिल्ली निवासी विकास (गिरोह का सदस्य) को सौंपा. इसके बदले सन्नी को एक लाख रुपये कमीशन दिया गया.

एनसीआर से लेकर विदेशों तक फैला है साइबर जाल

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ये आरोपी दिल्ली स्थित साइबर गिरोह के संपर्क में थे, जिनका नेटवर्क एनसीआर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला है. आरोपी अपने बैंक खातों को कमीशन पर गिरोह को सौंपते थे, जिसमें भारी-भरकम रकम ट्रांसफर की जाती थी. यह रकम साइबर ठगी की होती है.

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