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नोएडा में बंगाली कहकर बाप-बेटे को होटल से निकाला! कहा- बांग्लादेशियों के लिये नहीं कोई जगह

नोएडाः दिल्ली से सटे नोएडा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शख्स और उसके 14 साल के बेटे को केवल बंगाली होने के चलते होटल में कमरा देने से मना कर दिया गया. 14 वर्षीय लड़का नेशनल स्केटर है, जो नोएडा में होने वाले एक चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए अपने पिता के साथ आया था. पिता ने आरोप लगाया कि होटल के रिसेप्शनिस्ट ने उनकी बुकिंग यह कहते हुए रद्द कर दी की लोकल पुलिस ने उन्हें निर्देश दिया है कि 15 अगस्त तक सुरक्षा कारणों के चलते बांग्लादेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के किसी भी शख्स को होटल में कमरा ना दिया जाए.

शख्स ने दूसरे होटल में कमरा किया बुक

शख्स ने ऑनलाइन OYO के जरिए कमरा बुक किया था. शख्स ने कहा, ‘वो रिस्पेशनिस्ट की बातों से हैरान थे. मैंने बताया कि हम बांग्लादेशी नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल से हैं. लेकिन रिसेप्शनिस्ट ने कहा कि यह वही हैं और वह हमें अंदर नहीं जाने देगा.’ पीड़ित शख्स ने टीओआई को बताया कि उन्होंने सेक्टर 44 में होटल बुक किया था क्योंकि जहां स्केटिंग चैंपियनशिप होने वाली है, वहां से पास था. उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने इसकी शिकायत ओयो के कस्टमर केयर से की तो उन्होंने कहा कि वो उनके पैसे 7-10 दिन के भीतर वापस कर देंगे. मजबूरीवश दूसरी जगह होटल लेना पड़ा.

ओयो ने मांगी माफी

ओयो के एक अधिकारी ने माफ़ी मांगते हुए बताया कि होटल मीरा इटरनिटी को मंगलवार को ही बुकिंग प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. ओयो ने एक बयान में कहा, “ओयो को आधिकारिक तौर पर न तो ऐसा कोई दिशानिर्देश मिला है और न ही उसने अपने प्लेटफॉर्म पर होटलों को ऐसा कोई दिशानिर्देश दिया है. ओयो नस्ल, धर्म, भाषा, क्षेत्र या जातीयता के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को बढ़ावा नहीं देता है.”

डीसीपी ने कहा- ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया

नोएडा के डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि नोएडा पुलिस की ओर से होटलों को बंगाल या किसी अन्य राज्य के लोगों को प्रवेश देने से मना करने का कोई आधिकारिक निर्देश नहीं दिया गया है. प्रसाद ने कहा, “होटलों को बांग्लादेश से आने वाले लोगों की पहचान और वीज़ा दस्तावेज़ों की ठीक से जांच करने के लिए कहा गया है, लेकिन अगर उनके पास उचित दस्तावेज़ हैं, तो बांग्लादेशी निवासियों को भी ठहरने से रोकने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है.”

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