उत्तर प्रदेशराज्‍य

लखनऊ: प्रेमानंद महाराज के लिए मुसलमानों ने दरगाह पर चढ़ाई चादर, स्वस्थ होने की मांगी दुआ

लखनऊ: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर दुआओं का दौर जारी है। जहां एक तरफ हिंदू वर्ग लोग मंदिरों में उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय के लोग दरगाह पर चादर चढ़ा कर प्रसिद्ध संत के स्वास्थ्य को लेकर दुआएं मांग रहे हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के नेता ने लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित दरगाह पर चादर चढ़ा कर प्रेमानंद महाराज के लंबी आयु और जल्द स्वस्थ होने की दुआ मांगी है।

दरअसल संत प्रेमानंद महाराज के तबियत बिगड़ने से देश भर के भक्त काफी मायूस और परेशान हैं। उनकी सेहत के लिए दुआएं मांगी जा रही हैं। दुआओं का असर है कि संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित दरगाह दादा मियां पर समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद इखलाक ने प्रेमानंद महाराज के दीर्घायु और जल्द स्वस्थ होने की दुआ मांगी है। इस दौरान दरगाह के सेवक और मुस्लिम समुदाय के कई लोग मौजूद रहे, जो हाथों में संत प्रेमानंद महाराज की तस्वीर लिए हुए थे।

चादर चढ़ाने के बाद मोहम्मद इखलाक ने कहा कि प्रेमानंद महाराज जैसे लोग समाज को जोड़ने का काम करते हैं। वे हमेशा मानवता और इंसानियत का संदेश देते हैं। सपा नेता ने कहा कि जब से उनके अस्वस्थ होने की खबर सुनी है, मन बहुत दुखी है। हम लगातार दुआ कर रहे हैं कि वे शीघ्र स्वस्थ हों और अपने भक्तों को आशीर्वाद दें। ऐसे लोग ईश्वर का वरदान होते हैं।

दरअसल, बीते दिनों प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब होने के बाद उनकी पदयात्रा स्थगित हो गई थी, जिससे उनके भक्तों में मायूसी फैल गई थी। हालांकि दुआओं का असर है कि अब उनके स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है। सोमवार को महाराज ने केली कुंज आश्रम से निकलकर भक्तों को दर्शन दिए थे। जिससे हजारों अनुयायी भावुक हो उठे और राधे-राधे के जयकारे से माहौल गूंज उठा था।

प्रेमानंद महाराज के लिए हो रही यह सामूहिक प्रार्थना देश में धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता की मिसाल पेश कर रही है। बहुत कम अवसर ऐसे देखने को मिलते हैं जब हिंदू और मुसलमान दोनों समुदाय एक स्वर में किसी संत या धार्मिक व्यक्तित्व के लिए दुआ करें। प्रेमानंद महाराज ने हमेशा प्रेम, शांति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया है और आज उनके लिए उठी यह प्रार्थना उसी भावना का जीवंत उदाहरण है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button