CM योगी समेत कई मंत्री आज लोकभवन में देखेंगे ‘कृष्णावतारम’, राज्यपाल की नतिनी ने फिल्म में निभाया है अहम किरदार

लखनऊ में रविवार को एक विशेष सांस्कृतिक आयोजन होने जा रहा है। लोकभवन ऑडिटोरियम में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ (लॉर्ड कृष्णा) का विशेष प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार के कई मंत्री मौजूद रहेंगे। फिल्म का प्रदर्शन शाम चार बजे से शुरू होगा।
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित है फिल्म
‘कृष्णावतारम्’ फिल्म भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों और धर्म की स्थापना के लिए किए गए कार्यों को दर्शाती है। फिल्म में श्रीकृष्ण की द्वारका से लेकर कुरुक्षेत्र तक की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भगवान कृष्ण और उनकी पत्नी सत्यभामा के संबंधों को भी प्रमुखता से दिखाया गया है।
राज्यपाल की नातिन ने निभाई सत्यभामा की भूमिका
इस फिल्म की खास बात यह है कि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की नातिन संस्कृति जयना ने इसमें सत्यभामा की भूमिका निभाई है। संस्कृति जयना की यह पहली फिल्म है और उनके अभिनय को लेकर काफी चर्चा हो रही है। फिल्म में उनके किरदार को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
इन कलाकारों ने निभाए प्रमुख किरदार
फिल्म में सिद्धार्थ गुप्ता ने भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाई है, जबकि सुष्मिता भट्ट ने राधा का किरदार अदा किया है। इसके अलावा निवाशिनी कृष्णन ने रुक्मिणी और संस्कृति जयना ने सत्यभामा की भूमिका निभाकर कहानी को जीवंत बनाया है।
मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं निर्देशक और कलाकार
पिछले महीने फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर और कलाकारों की टीम ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और विरासत पर आधारित फिल्मों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसी फिल्में नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं।
हाल ही में रिलीज हुई है फिल्म
‘कृष्णावतारम्’ फिल्म सात मई को रिलीज हुई थी। रिलीज के बाद से ही यह फिल्म धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों में रुचि रखने वाले दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों और उनके संदेश को आधुनिक पीढ़ी तक पहुंचाना है।



