लखनऊ नगर निगम बजट 2026-27: ₹1534 करोड़ से होंगे विकास कार्य, सभी वार्डों में बनेंगे मॉडल वेंडिंग जोन

लखनऊ में महापौर की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को स्वीकृति दे दी गई। अब यह बजट 13 मार्च को सदन में चर्चा और अंतिम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बजट की विशेष बात यह है कि इसमें किसी भी नए कर को लागू नहीं किया गया है और न ही मौजूदा कर दरों में वृद्धि का प्रस्ताव है। हालांकि 405 करोड़ रुपये की देनदारी भी दर्शाई गई है।
विकास कार्यों पर 15.34 अरब रुपये खर्च का प्रस्ताव
पुनरीक्षित बजट 2025-26 में सड़क और नाली निर्माण के लिए रखे गए 326 करोड़ रुपये के प्रावधान को घटाकर नए बजट में 271 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी 55 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। नगर निगम अपनी निधि से सड़कों, नालियों, पार्कों के सौंदर्यीकरण, मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य विकास कार्यों पर 15.34 अरब रुपये खर्च करेगा।
वार्ड विकास निधि और विशेष कोष
पार्षदों की वार्ड विकास निधि में कोई वृद्धि नहीं की गई है। प्रत्येक पार्षद 2.10 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) तक के विकास कार्य करा सकेंगे। महापौर की विकास निधि 20 करोड़ और नगर आयुक्त की निधि 10 करोड़ रुपये पूर्ववत रहेगी। बजट को 41 लाख रुपये लाभ का बताया गया है, हालांकि विकास मद में कटौती से कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
गृहकर में छूट और सोलर पैनल पर प्रोत्साहन
नए वित्तीय वर्ष में गृहकर भुगतान पर चरणबद्ध छूट का प्रावधान किया गया है। अप्रैल में ऑनलाइन भुगतान पर 10% और ऑफलाइन पर 8% छूट मिलेगी। मई में यह क्रमशः 8% और 6% तथा जून में 5% और 4% होगी। एकमुश्त यूजर चार्ज जमा करने पर 10% की छूट दी जाएगी। एक जून के बाद सोलर पैनल लगाने वाले नागरिकों को गृहकर सहित कुल 10% तक की छूट का लाभ मिलेगा।
जलकल विभाग के लिए विशेष प्रावधान
वर्ष 2026-27 में जलकल विभाग की अनुमानित आय लगभग 487 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। पानी की पाइपलाइन शिफ्टिंग और लीकेज सुधार के लिए 13 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सेटलिंग टैंक और भूमिगत जलाशयों की सफाई पर 50 लाख, सीवेज पंपिंग स्टेशन मरम्मत पर डेढ़ करोड़ तथा मैनहोल मरम्मत पर 4 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सबमर्सिबल पंप मरम्मत व रिबोरिंग पर 25 करोड़ और हैंडपंप मरम्मत पर 1 करोड़ रुपये का प्रावधान है। अवैध रूप से भूजल दोहन करने वाले कार सर्विस स्टेशनों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर सबसे अधिक जोर
बजट में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। सफाई संस्थाओं का बजट 130 करोड़ से घटाकर 100 करोड़ किया गया है। नालों की सफाई के लिए 15 करोड़ और बाढ़ पंपिंग स्टेशन संचालन हेतु 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
शिक्षा, पार्क और आधारभूत ढांचा
मुख्यमंत्री वैश्विक योजना के अंतर्गत 40 आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नगर निगम के आठ स्कूलों में मरम्मत, स्मार्ट क्लास और आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी। सरोजनीनगर कान्हा उपवन में बच्चों के लिए स्कूल बनाया जाएगा। पार्कों के अनुरक्षण पर 42 करोड़ तथा रंगाई-पुताई पर 6 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अवस्थापना निधि से 180 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
मॉडल वेंडिंग जोन और आधुनिक पुस्तकालय
शहर के सभी 110 वार्डों में मॉडल वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। इसके लिए 15 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आधुनिक और डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना भी की जाएगी, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ई-लर्निंग सुविधा उपलब्ध होगी।
कुल बजट का आकार
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट 46 अरब 92 करोड़ 71 लाख 23 हजार रुपये का प्रस्तावित है। अनुमानित आय 32.93 अरब रुपये और व्यय 3.29 अरब रुपये दर्शाया गया है। राजस्व मद में 2,27,835 लाख रुपये आय और 2,27,793.25 लाख रुपये व्यय का अनुमान है।
विशेष वर्गों को कर में राहत
नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी, सेवानिवृत्त व आश्रितों को एक आवास पर गृहकर, सीवर कर और जलकर में छूट मिलेगी। परमवीर चक्र, अशोक चक्र या अन्य शौर्य पुरस्कार विजेताओं, भारत रत्न सम्मानित व्यक्तियों, अर्जुन पुरस्कार धारकों, राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार, वैज्ञानिक, खिलाड़ियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा दिव्यांगजनों को भी निर्धारित शर्तों के तहत गृहकर और जलकर में छूट दी जाएगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने बजट को दिशाहीन बताते हुए इसे आंकड़ों की बाजीगरी करार दिया है। उनका कहना है कि विकास बजट में वृद्धि न होने से जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।


