Jio अब आसमान से जोड़ेगा भारत, आकाश अंबानी ने किया स्वदेशी सैटेलाइट नेटवर्क का एलान

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान शेयरधारकों को संबोधित करते हुए चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के क्षेत्र में कंपनी की महत्वाकांक्षी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को बाहर बने एआइ का केवल उपभोक्ता नहीं बने रहना चाहिए। भारत को एआइ का निर्माता और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए। इसी सोच के साथ रिलायंस इंटेलिजेंस को कंपनी के नए ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। कंपनी ने सेटेलाइट संचार क्षेत्र में भी उतरने का एलान किया।
आरआइएल का उद्देश्य उपभोक्ताओं, उद्यमों और सरकारों के लिए बड़े पैमाने पर एआइ इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्लेटफार्म और सेवाओं का लाभकारी बिजनेस तैयार करना है। जियो प्लेटफार्म्स के एमडी आकाश अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की सेवाओं और एआइ उत्पादों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जामनगर में भारत का संप्रभु एआइ बैकबोन (एआइ सुविधा देने के लिए समग्र केंद्र) विकसित किया जा रहा है। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर रिलायंस की अपनी सौर ऊर्जा से संचालित होगा।
आकाश अंबानी ने कंपनी की एक प्रमुख भावी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि जियो संचार कनेक्टिविटी के नए क्षेत्र यानी सेटेलाइट संचार में उतरेगी और इसके लिए स्वदेशी संचार उपग्रहों का उपयोग करेगी। उन्होंने कहा, ‘जियो ने भारत को जमीन पर जोड़ा है। अब हमें भारत को आसमान से जोड़ना है। अभी भी देश के सबसे दूरदराज गांव, द्वीप समुदाय और सीमा चौकियां ऐसी हैं जहां जियो का नेटवर्क नहीं पहुंच पाता। इनके लिए सेटेलाइट कनेक्टिविटी भारत के बाकी हिस्सों से पुल का काम करेगी।’ इसके लिए जियो भारत के लिए संप्रभु लो अर्थ आर्बिट (एलईओ) सेटेलाइट कांस्टेलेशन विकसित करने की संभावना का मूल्यांकन कर रहा है। इस क्षेत्र में एलन मस्क की स्टारलिंक एक बड़ी कंपनी है। शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि उत्तराधिकार योजना लगभग पूरी हो गई।
भारत का एआइ भारतीय भाषा में करेगा बात: आकाश
आकाश अंबानी ने कहा, ‘दुनिया के एआइ प्लेटफार्म पहले अंग्रेजी में बनते हैं और बाद में उनका अनुवाद किया जाता है। इसके विपरीत, जियो भारतीय भाषाओं में नेटिव एआइ बना रहा है। भारत का एआइ भारतीय भाषा में बोलेगा। भारत के दिलों को जोड़ेगा। भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेगा।’
रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं में भरोसेमंद, किफायती और बहुभाषी एआइ सेवाएं देने की तैयारी कर रहा है। इनमें जियोभारत एआइक्यू, एआइ व्यापार, जियोहेल्थएआइक्यू, जियोलर्नएआइक्यू और जियोकृषिएआइक्यू जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इनका उद्देश्य किसानों, छात्रों, दुकानदारों, परिवारों और छोटे कारोबारियों तक एआई की उपयोगिता पहुंचाना है।
न्यू एनर्जी रिलायंस की अगली बड़ी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा: अनंत
रिलायंस के ऊर्जा क्षेत्र में कारोबार का नेतृत्व कर रहे अनंत अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। इस वित्त वर्ष से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर माड्यूल्स से व्यावसायिक राजस्व इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष शुरू होगी।
अनंत अंबानी ने कहा, ‘रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ तीन अरब डालर का दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता किया है।
कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया आफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफार्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।’ साफ है कि आरआइएल की यह सालाना बैठक भविष्य की सभी प्रमुख तकनीकों डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वच्छ ऊर्जा पर कंपनी के रणनीतिक फोकस को साफ करती हैं।



