अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- मैं चाहता हूं कि एक दिन मेरी पत्नी ऊषा भी ईसाई धर्म अपनाएं

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने सार्वजनिक मंच पर यह इच्छा जताई है कि उनकी पत्नी ऊषा वेंस (Usha Vance), जिनका पालन-पोषण हिन्दू संस्कारों में हुआ है, एक दिन कैथोलिक चर्च से प्रभावित होकर ईसाई धर्म अपना लें. बता दें कि जब जेडी वेंस परिवार सहित भारत आए थे तो एनडीटीवी से खास बातचीत में सेकंड लेडी उषा वेंस ने भारतीय धर्म और संस्कारों को लेकर अपनी रुचि के बारे में बताया था. उषा वेंस ने कहा था कि हमारे बच्चे भारतीय इतिहास पढ़ते हैं, इस जगह से जुड़ाव महसूस करते हैं. बच्चों को रामायण, महाभारत में रुचि है. बच्चों ने पीएम मोदी के आवास पर रामायण की कहानी पर आधारित कठपुतली शो देखा. रामायण और महाभारत मेरे बच्चों की विरासत है.

मुझे उम्मीद है मेरी पत्नी ईसाई धर्म अपनाएंगी’

वहीं दूसरी तरफ मिसिसिपी में एक कार्यक्रम में जब जेडी वेंस से पूछा गया कि क्या उनकी पत्नी ऊषा अंततः ईसाई धर्म अपनाएंगी, तो उन्होंने कहा, ” मैं वास्तव में यह कामना करता हूं कि वह भी उसी चीज से प्रभावित हों, जिससे मैं चर्च में प्रभावित हुआ था. मैं ईमानदारी से इसकी इच्छा रखता हूं क्योंकि मैं ईसाई धर्म के सिद्धांत में विश्वास करता हूं और मुझे उम्मीद है कि मेरी पत्नी भी इसे उसी तरह देखेंगी.”

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ऊषा ऐसा नहीं करती हैं, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने कहा कि “ईश्वर ने हर किसी को स्वतंत्र इच्छा दी है, इसलिए यह मेरे लिए कोई समस्या पैदा नहीं करता. यह कुछ ऐसा है जिसे आप अपने दोस्तों, अपने परिवार और उस व्यक्ति के साथ मिलकर सुलझाते हैं जिसे आप प्यार करते हैं.”

वेंस परिवार में आस्था

जेडी वेंस ने 2019 में कैथोलिक धर्म अपना लिया था. उनका कहना है कि जब वह अपनी पत्नी ऊषा से मिले थे, तब वह खुद को एक नास्तिक मानते थे. पर अब वेंस दंपति के बच्चों की परवरिश ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार की जा रही है और वे ईसाई स्कूल में पढ़ते हैं. JD Vance ने बताया कि ऊषा वेंस ज्यादातर रविवार को उनके साथ चर्च जाती हैं, लेकिन उनका अपना विश्वास (हिन्दू आस्था) बना हुआ है.

ईसाई मूल्यों को बताया देश की नींव

वेंस ने यह भी कहा कि वह ईसाई मूल्यों को देश की एक महत्वपूर्ण नींव मानते हैं. उन्होंने कहा, “जो कोई आपसे कह रहा है कि मेरी राय निजी है तो हो सकता है कि वह आपको कोई एजेंडा बेचना चाहता है. पर मैं कम से कम इस फैक्ट को लेकर ईमानदार हूं कि मैं इस देश की ईसाई नींव को एक अच्छी बात मानता हूं.”

जेडी वेंस की ये टिप्पणियां एक ऐसे समय में आई हैं, जब अमेरिका में H-1B वीजा और भारतीय प्रवासियों को लेकर नस्लवाद और नफरत फैलाने वाले भाषणों में इजाफा हुआ है.

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