
गाजियाबाद। जिले में अवैध शराब कारोबार और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नाइट क्लबों और बार में कथित तौर पर बिना लाइसेंस शराब परोसने तथा दूसरे राज्यों की शराब की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रहने के आरोपों के बाद जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद में लंबे समय से नाइट क्लबों और बार में नियमों के उल्लंघन तथा अवैध शराब बिक्री की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर जांच कराई गई। संयुक्त टीम की जांच में कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद शासन ने शुक्रवार रात जिला आबकारी अधिकारी के निलंबन का आदेश जारी किया।
बताया जा रहा है कि इससे पहले तत्कालीन जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने भी आबकारी अधिकारी को तलब कर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों और आबकारी निरीक्षकों के खिलाफ शिकायतें शासन तक पहुंचती रहीं।
इस कार्रवाई में आबकारी विभाग के दो निरीक्षकों को भी निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संजय कुमार सिंह को प्रयागराज स्थित कार्यालय से संबद्ध किया गया है, जबकि पूरे मामले की विभागीय जांच मेरठ के उप आबकारी आयुक्त को सौंपी गई है।
शासन की इस कार्रवाई के बाद अब जांच के दायरे में विभागीय कार्यप्रणाली और अवैध शराब कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी नजर रहेगी। गाजियाबाद में शराब की दुकानों, बार और नाइट क्लबों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने को लेकर आबकारी विभाग की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।



