डॉक्टर हिरा राशिद… जिन्होंने अपने खेतों पर बने एयरपोर्ट से पकड़ी पहली फ्लाइट, CM योगी से मिलने पहुंची लखनऊ

लखनऊ: ‘नमस्कार मुख्यमंत्री जी। मेरा नाम डॉक्टर हीरा राशिद है। मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व का अवसर हो रहा है कि जिस जमीन पर कभी मेरे पिता जी अन्न उपजाया करते थे, उसी भूमि से मैं उड़ान भरकर आज आपसे मिलने आई हूं। जेवर में हमारे यहां पहले नेट की सुविधा नहीं थी। एयरपोर्ट का काम शुरू होने के बाद विकास शुरू हुआ। 2021 में मैंने बगैर किसी कोचिंग के नीट परीक्षा पास की। मैं इन सबके लिए आपका शुक्रगुजार हूं। मैं भविष्य में आपको देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हूं।’ जेवर इलाके से लखनऊ आईं डॉक्टर हीरा राशिद की बातें सुनकर पूरा सभागार तालियों से गूंजने लगा। हीरा राशिद की तरह 170 अन्य किसानों ने भी अपने इलाके में विकास के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।
आपको बता दें कि सोमवार को पहली बार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमानों का संचालन शुरू हआ। सुबह सात बजे लखनऊ से नोएडा और उसके बाद नोएडा से लखनऊ इंडिगो की फ्लाइट आई। इसमें जेवर में रहने वाले 170 किसान भी शामिल थे। इनकी जमीन नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण में ली गई है। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे किसानों के चेहरे पर खुशी, गर्व और भावुकता साफ दिखाई दी। वे अपने गांव से सीधे प्रदेश की राजधानी में उतरे थे।
‘एयरपोर्ट मेरे इलाके के लिए गर्व की बात’
डॉक्टर हीरा राशिद ने कहा कि जिस इलाके में मैं पैदा हुई, वहां आज एक इंटरनैशनल एयरपोर्ट है। ये मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मैं इस समय भावनाओं से भरी हुई हूं। मैं फ्लाइट में बैठने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं कर सकती।
योगी ने भूमि अधिग्रहण के शुरुआती दिनों का याद किया
किसान सीधे सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे। वहां उन्होंने सीएम को धन्यवाद दिया। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान सामने आए शुरुआती प्रतिरोध को याद किया। योगी ने कहा कि उन्होंने जेवर के किसानों को भरोसा दिलाया था कि यह हवाई अड्डा उनकी किस्मत बदल देगा और उन्हें प्रस्ताव पर निर्णय लेने के लिए एक घंटे का समय दिया था।
अफसरों को दिया गया था 100 दिन का समय
योगी ने कहा कि ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और देश के विमानन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पल है। परियोजना के शुरुआती दिनों को याद करते हुए योगी ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल के जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने के लिए 100 दिन का समय दिया गया था। जब 100 दिन के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई, तो मैंने पूछा कि क्या हुआ। मुझे बताया गया कि किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
‘100 किसानों से मैंने मुलाकात की थी’
योगी ने बताया कि इसके बाद उन्होंने हवाई अड्डे से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा के लिए ग्रेटर नोएडा के गौतमबौद्ध विश्वविद्यालय में लगभग 100 किसानों से मुलाकात की। जब मैंने किसानों से कहा कि हम एक हवाई अड्डा बनाना चाहते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे। योगी ने कहा कि उन्होंने किसानों को समझाया कि यह परियोजना क्षेत्र की नियति बदल देगी और उन्हें (किसानों को) प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक घंटे का समय दिया।
पहली बार जहाज में बैठने का मौका मिला: पूनम
इससे पहले किसानों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हवाई जहाज में सफर करने का सालों पुराना उनका सपना आज पूरा हो गया है। किसानों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। जेवर की रहने वाली पूनम ने बताया कि एयरपोर्ट परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत हुई थी। उन्होंने कहा कि आज पहली बार हवाई जहाज में बैठने का अवसर मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों का सम्मान बढ़ाया है। पूनम ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से मिलने आईं हैं और इस अवसर को जीवन का सबसे सुखद पल मानती हैं।
योगी जी ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया: किसान
किसान हाजी जफर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने ऐसा काम किया है कि हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान घर-घर जाकर किसानों की सहमति ली गई थी और किसानों ने खुशी-खुशी अपनी जमीन दी। हाजी जफर ने कहा कि उन्हें इस विकास कार्य पर गर्व है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है और इससे आम लोगों का जीवन बदल रहा है। उन्होंने कहा कि योगी जी मुस्लिम समाज में काफी लोकप्रिय हैं क्योंकि उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ भेदभाव के बिना सभी लोगों तक पहुंचाया है। सभी को सुरक्षा दी है।



