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बीड़ी का बंडल, 150 रुपये चोरी का शक… दोस्त ही निकला कातिल; कानपुर की कहानी

यूपी के कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां महज एक बीड़ी और सौ-डेढ़ सौ रुपये के विवाद में दोस्त ने ही सिर पर पत्थर मारकर साथी मजदूर की हत्या कर दी। मजदूर का रक्तरंजित शव बुधवार रात को मेस्टन रोड पर पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ तो उसने वारदात कबूल कर ली।

डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि बुधवार को मेस्टन रोड स्थित पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मूर्ति के पास 35 वर्षीय मजदूर का रक्तरंजित शव मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर मूलगंज पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच पड़ताल की। स्थानीय दुकानदारों से पूछताछ करने पर पता चला कि मृतक का नाम विशाल उर्फ रवि था। हालांकि वह कहां का रहने वाला है, इसकी जानकारी नहीं हो सकी। यह जरूर पता चला था कि मजदूरी करता था। पुलिस ने दुकानदार जिलानी बाबू की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जांच में पता चला कि एक दिन पहले उसका बाजार के अशर्फी लाल उर्फ बड़बड़िया उर्फ राजू से किसी बात पर विवाद हुआ था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कि तो उसने बताया कि राजू ने मंगलवार को उसकी जेब से 100 से 150 रुपये चोरी किए थे। विरोध करने पर गाली-गलौज की। इसलिए मार डाला।

100 से अधिक कैमरे खंगाले

पुलिस ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने 100 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाले। इस दौरान एक फुटेज में अशर्फी लाल पत्थर ले जाते हुए दिखाई दिया। मगर वापस आते वक्त उसके हाथ में कुछ नहीं था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कि तो घटना का खुलासा हुआ।

चेन- ब्रेसलेट के लिए 15 साल पुराने दोस्त की हत्या

उधर, कानपुर के ही नवाबगंज थाना क्षेत्र में कोचिंग संचालक की हत्या के सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने मात्र चार दिनों में खुलासा करते हुए मृतक के 15 वर्ष पुराने मित्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सोने की चेन और ब्रेसलेट हड़पने के लालच में महिला का वेश धारण कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार 30 और 31 मई की मध्य रात्रि नवाबगंज थाना क्षेत्र में कोचिंग संचालक प्रकाश चन्द्र गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर डीसीपी सेंट्रल के नेतृत्व में 10 विशेष टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। लगातार चार दिनों तक चली जांच के बाद पुलिस ने मामले का सफल अनावरण करते हुए मोहित द्विवेदी (43) को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि आरोपी मोहित द्विवेदी मृतक का करीब 15 वर्ष पुराना मित्र था। वह प्रकाश चन्द्र गुप्ता के पास मौजूद सोने की चेन और ब्रेसलेट पर नजर रखे हुए था। इसी लालच में उसने सुनियोजित साजिश रची और पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनकर महिला का वेश धारण किया। इसके बाद उसने कोचिंग संचालक की हत्या कर दी और मौके से आभूषण लेकर फरार हो गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतक की सोने की चेन और ब्रेसलेट बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त बुर्का, दुपट्टा, दस्ताने, लेडीज बैग, एक अवैध तमंचा, कारतूस तथा अन्य सामान भी बरामद किया गया है।

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