उत्तर प्रदेशराज्‍य

यूपी बोर्ड को लेकर योगी सरकार का बड़ा आदेश, जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा लेने पर लगाई रोक

यूपी बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि अब किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा के दौरान जूते-मोजे उतरवाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है।

परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर होगी कड़ी जांच

सरकारी आदेश के अनुसार, परीक्षार्थियों की पूरी जांच परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ही की जाएगी। केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर हर समय सक्रिय रहने चाहिए। यदि कोई उपकरण खराब पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत डीआईओएस और उनके नियंत्रण कक्ष को देना अनिवार्य होगा। खराब उपकरणों के रहते किसी भी स्थिति में परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।

छात्राओं की तलाशी केवल महिला शिक्षिकाएं करेंगी

अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं करेंगे। यह जिम्मेदारी केवल महिला शिक्षिकाओं को दी गई है। इसके अलावा, जिस विषय की परीक्षा हो रही है, उसी विषय के शिक्षकों की ड्यूटी उस परीक्षा केंद्र पर नहीं लगाई जाएगी।

परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन और शालीनता अनिवार्य

केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षार्थियों से किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की फोटोग्राफी या मीडिया ब्रीफिंग की अनुमति नहीं होगी।

डीआईओएस को दिए गए विशेष निर्देश

शासनादेश के तहत सभी मंडलों के संयुक्त शिक्षा निदेशकों और डीआईओएस को नकल पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित होंगी। डीआईओएस यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर सुचारू रूप से कार्यरत हों।

30 दिन तक सुरक्षित रहेगी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग

परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर की डीवीआर रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है। सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट द्वारा किए गए औचक निरीक्षण की रिपोर्ट प्रतिदिन जिलाधिकारी और डीआईओएस को सौंपी जाएगी। 50 प्रतिशत बाहरी कक्ष निरीक्षकों की जांच भी अनिवार्य होगी।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर रोक

परीक्षा ड्यूटी में लगे कक्ष निरीक्षकों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के बाहर जमा कराने होंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर की निगरानी में पैक कर संकलन केंद्र भेजा जाएगा। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर लिखना होगा रोल नंबर

बोर्ड परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पृष्ठ पर अपना रोल नंबर और उत्तर पुस्तिका क्रमांक लिखना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करना केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी होगी कि किसी भी पृष्ठ पर यह विवरण छूटा न हो।

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