बकरीद से पहले इजराइल ने हमास के मिलिट्री लीडर मुहम्मद ओदेह को मार गिराया

इजरायल के सीने पर सबसे गहरा जख्म बन गया 7 अक्टूबर, 2023 का वो हमला, जिसने यहूदियों की आत्मा छलनी कर दी थी. इसके बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने बदला लेने की एक कसम खाई थी, जो इस हमले के खुफिया मास्टरमाइंड को ढेर करने के बाद अब पूरी हुई है. गाजा के हर एक इलाके को इजरायल की सेना ने लगभग खोद डाला और हर सुरंग को तबाह कर दिया, जहां उसने अपराधी छिपे बैठे थे. ताजा हमले में आईडीएफ ने हमास के उस कमांडर को जहन्नुम पहुंचा दिया है, जिसने उस खौफनाक हमले की साजिश रची थी.
इजरायल ने दावा किया है कि उसने गाजा में एक बड़े हवाई हमले के दौरान हमास के वरिष्ठ सैन्य कमांडर मोहम्मद ओदेह को मार गिराया है. इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इसे हमास की सैन्य ताकत के लिए बड़ा झटका बताते हुए कहा कि यह ऑपरेशन लंबे समय से चल रही खुफिया निगरानी और सटीक योजना का नतीजा है. इजरायली सेना और खुफिया एजेंसी शिन बेट ने संयुक्त कार्रवाई में इस हमले को अंजाम दिया. अधिकारियों के मुताबिक, मोहम्मद ओदेह कई महीनों से इजरायली एजेंसियों के निशाने पर था और उसके ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा रही थी.
कौन था मोहम्मद ओदेह?
- प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओदेह 7 अक्टूबर के हमले के दौरान हमास की खुफिया इकाई का प्रमुख था.
- हाल ही में उसे अल-कसम ब्रिगेड्स का नया सैन्य प्रमुख बनाया गया था. बताया जा रहा है कि इससे पहले इस पद पर मौजूद इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद के मारे जाने के बाद ओदेह को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
- इजरायली सेना का कहना है कि ओदेह न सिर्फ 7 अक्टूबर के हमलों की योजना और इसके पूरा करान में भी शामिल था. वह हालिया महीनों में इजरायली सैनिकों पर किए गए कई हमलों का संचालन भी वही कर रहा था. सेना के मुताबिक वह हमास के उन गिने-चुने शीर्ष कमांडरों में शामिल था, जो अभी तक बच निकले थे.
- गाजा से जुड़े हमास समर्थक सूत्रों ने दावा किया है कि इस हमले में मोहम्मद ओदेह के साथ उसकी पत्नी और बेटा भी मारे गए. हालांकि, हमास की ओर से अभी तक ओदेह की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
आईडीएफ और शिन बेट ने कहा कि इस कार्रवाई से हमास की सैन्य संरचना को बड़ा नुकसान पहुंचा है. इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, ओदेह की मौत से संगठन की सैन्य ताकत को दोबारा खड़ा करने और हमलों की नई रणनीति तैयार करने की क्षमता कमजोर पड़ सकती है. गाजा में लगातार जारी हमलों और सैन्य अभियानों के बीच यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब क्षेत्र में संघर्ष और ज्यादा तेज होता जा रहा है.


