चंदौली में दोहरा हत्याकांड; पांच दोषियों को आजीवन कारावास, 20 हजार का अर्थदंड लगाया, कोटे की दुकान की रंजिश में की थी हत्या

चंदौली। अपर जनपद व सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) पारितोष श्रेष्ठ की अदालत ने शनिवार को दोहरे हत्याकांड के मामले में पांच दोषियों महुअर कलां निवासी केशरी सिंह, अजीत सिंह, सुनील सिंह, धर्मराज सिंह व संतोष सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने दोषियों पर 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। घटना में एक अन्य आरोपित रामलखन सिंह की मृत्यु दौरान विचारण हो चुकी है। मामला बलुआ थाने से जुड़ा है।
अभियोजन के अनुसार वादिनी मोहिनी सिंह निवासी महुअर कलां के पिता सुरेंद्र सिंह व भाई जयकिशन सिंह 7 फरवरी 2009 को चार बजे भोर में मारकंडेय महादेव मंदिर दर्शन करने गए थे। सुबह सात बजे वादिनी को सूचना मिली की उसके पिता व भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
शव बनरावाली बारी (सरफुद्दीनपुर) में पडा है। वादिनी की तहरीर पर कोटे की रंजिश को लेकर हत्या किए जाने को लेकर पुलिस ने छह आरोपितों के खिलाफ थाना बलुआ में धारा 147, 148, 149 व 302 आइपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। कोर्ट ने पिता व भाई की हत्या में दोषसिद्धि पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।



