
नोएडा। शहर में कारों के शीशे तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बाजार, मॉल, सड़क किनारे और मंदिरों के आसपास खड़ी कारों को निशाना बनाकर बदमाश लाखों रुपये का सामान चोरी कर रहे हैं। गिरोह के सदस्य कारों के शीशे तोड़कर लैपटॉप, बैग, मोबाइल, दस्तावेज और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाते हैं।
पांच महीने में सामने आईं 25 से अधिक घटनाएं
नोएडा में पिछले पांच महीनों के दौरान इस तरह की 25 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में सेक्टर-113 और सेक्टर-39 थाना पुलिस ने पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से कार के शीशे काटने वाला विशेष कटर भी बरामद किया था। इसके बावजूद शहर में लगातार चोरी की घटनाएं जारी हैं।
मंदिर और मॉल के बाहर सबसे ज्यादा वारदात
नोएडा फेज-3 थाना क्षेत्र के सेक्टर-121 स्थित मंदिर के आसपास हाल के दिनों में पांच से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। कई पीड़ितों ने शिकायत तक दर्ज नहीं कराई, जबकि कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं होने की बात भी सामने आई है।
शॉपिंग करने आए युवक की कार से लैपटॉप और दस्तावेज चोरी
दिल्ली के चित्रा विहार निवासी इशित अग्रवाल 23 मई को नोएडा के लॉजिक्स मॉल में शॉपिंग करने पहुंचे थे। इसी दौरान चोरों ने उनकी कार का शीशा तोड़कर दो बैग चोरी कर लिए। बैग में आईपैड, लैपटॉप, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, डेबिट कार्ड और घर व गाड़ी की चाबियां रखी थीं। पीड़ित ने सेक्टर-24 थाने में मामला दर्ज कराया है।
जिम के बाहर खड़ी कार को बनाया निशाना
सेक्टर-143 निवासी सन्यात तेजा ने बताया कि उन्होंने 15 अप्रैल की रात अपनी कार सेक्टर-141 स्थित जिम के बाहर खड़ी की थी। इसी दौरान बदमाशों ने कार का शीशा तोड़कर बैग और लैपटॉप चोरी कर लिया। जिम से बाहर आने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई। उन्होंने सेक्टर-142 थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ितों को उठाना पड़ रहा दोहरा नुकसान
इन घटनाओं में कार मालिकों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ कीमती सामान चोरी हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कार के शीशे बदलवाने में भी हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। कार का शीशा बदलवाने में करीब पांच हजार रुपये तक का खर्च आ रहा है।
बच्चों का इस्तेमाल कर रहे बदमाश
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य कारों के शीशे तोड़ने के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बच्चे पार्किंग और सड़क किनारे खड़ी कारों के आसपास घूमते रहते हैं, जिससे किसी को उन पर शक नहीं होता।
जिस कार में बैग या कोई कीमती सामान दिखाई देता है, उसके शीशे को गुलेल या नुकीले पत्थर से तोड़ दिया जाता है। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचकर सामान चोरी कर फरार हो जाते हैं।
सादे कपड़ों में तैनात की गई पुलिस
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि गिरोह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मॉल, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन में कीमती सामान खुला न छोड़ें और बैग या लैपटॉप जैसी वस्तुएं अपने साथ रखें, ताकि बदमाशों को मौका न मिल सके।



