CM योगी ने की श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा; श्रमिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर जोर

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के सभी बाल श्रमिकों को शिक्षित करेगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को लखनऊ में श्रम एवं सेवायोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इसमें तय किया गया कि सभी लेबर अड्डों को सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि बाल श्रमिक विद्या योजना पूरे प्रदेश में लागू होगी। अभी यह योजना 20 जिलों में चल रही है। जिसमें आठ से 18 वर्ष के कामगार बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाकर उन्हें आर्थिक मदद दी जाती है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही औद्योगिक शहरों के लेबर अड्डे श्रमिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित होंगे। श्रमिकों के लिये सुरक्षित आवास व्यवस्था होगी। सरकार ने राज्य के कामगारों के लिये जर्मनी, जापान और स्लोवाक गणराज्य में रोजगार की संभावनायें तलाशी हैं, इसके लिए युवकों को अंग्रेजी सहित इन देशों का भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के 75 जिलों में चलाने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ और प्रभावी बनाने, रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के भी निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि श्रमिक सिर्फ उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की शक्ति हैं। यह भी कहा कि कोई बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाये। उनके पुनर्वास की व्यवस्था हो। ऐसे बच्चो को निजी क्षेत्र के सहयोग से कौशल प्रशिक्षण दिया जाये।
मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को जनसुविधा का मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्थाएं कामगारों के लिए नये अवसर पैदा करती हैं। आवश्यकता के अनुसार सरकारी विभागों में सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाये।
इस बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल, कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं।
योगी सरकार में 18,407 नये कारखाने लगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी उद्योगों के अनुकूल और श्रमिक हितों के बीच संतुलन वाला वातावरण बनायें। सरकार की यही नीति है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 32,583 कारखाने पंजीकृत हैं। मार्च 2017 में यह संख्या 14,176 थी। यानी अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है।
लेबर अड्डों को सुविधा केन्द्र में बदलें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियो से कहा कि निर्माण श्रमिकों के लिए औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित ‘लेबर अड्डों’ को श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सुविधा केन्द्र के रूप में विकसित किया जाये। दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया जाये। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को तेजी से पूरा कराने का का निर्देश दिया। कानपुर के विष्णुपुरी में 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला प्रशिक्षण संस्थान प्रस्तावित है। जहां कारपेंटरी, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, प्लंबर, पेंटर और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेनाझाबर में 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला छात्रावास प्रस्तावित है।
रोजगार मिशन के भर्ती एजेंसी का लाइसेंस मिला
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जुलाई 2025 में गठित ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के माध्यम से युवकों को देश और विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि रोजगार मिशन को विदेश मंत्रालय से भर्ती एजेंसी का लाइसेंस मिल गया है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर में आयोजित रोजगार कार्यक्रमों के माध्यम से 27,555 युवाओं का चयन किया गया। जिनमें 2300 युवाओं का चयन विदेशों में रोजगार हेतु हुआ। वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 3030 रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से 3,74,776 अभ्यर्थियों को रोजगार दिया गया है। इसी अवधि में 4873 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों में 6,80,469 युवाओं ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसे सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंटज़ोन से भी जोड़ा जाए।
जर्मनी व जापान में अवसर तलाशे
मुख्यमंत्री ने वैश्विक रोजगार अवसरों के प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा विश्वस्तरीय अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम है। जर्मनी, जापान और स्लोवाक गणराज्य सहित विभिन्न देशों में रोजगार की संभावनाएं चिन्हित की गई हैं। जापानी, जर्मन और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने के लिए समझौते किये गये हैं। जल्द ही इन भाषाओं का प्रशिक्षण शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवायोजन विभाग को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और डिजिटल रोजगार तंत्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने रोजगार संगम पोर्टल में एआई आधारित सेवाओं, डिजिटल जॉब मैचिंग और ऑनलाइन काउंसलिंग प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए।



