ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट देने के बहाने यूपी पुलिस के सिपाही से लूट, मारपीट कर सुनसान सड़क पर फेंका

उत्तर प्रदेश का हाईटेक शहर कहे जाने वाला नोएडा कितना सुरक्षित है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां पर खाकी ही सुरक्षित नहीं है. दरअसल, बदमाशों ने पुलिसकर्मी को ही अपना निशाना बनाकर लूट लिया. इतना ही नहीं, विरोध करने पर पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की और बदमाश उन्हें रास्ते में छोड़कर मौके से फरार हो गए.
पीड़ित पुलिसकर्मी अनुज कुमार वर्तमान में मथुरा के जमुनापार थाने में तैनात हैं. वह मूल रूप से अमरोहा के जोया क्षेत्र के रहने वाले हैं. 20 मई को वह छुट्टी लेकर अपने घर जाने के लिए निकले थे. रात के समय वह नोएडा के सेक्टर-62 में बस का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान एक कार चालक ने जोया की तरफ जाने की बात कहकर उन्हें गाड़ी में बैठा लिया.
ग्रेटर नोएडा में फेंककर हुए फरार
पीड़ित अनुज कुमार के अनुसार, कार में पहले से दो युवक मौजूद थे. शुरुआत में सब सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद तीनों का व्यवहार अचानक बदल गया. कार सवारों ने पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी. विरोध करने पर तीनों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उनका बैग, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी सामान लूट लिया.
इतना ही नहीं, लूटपाट और मारपीट के बाद आरोपी पुलिसकर्मी को दादरी क्षेत्र के बोड़ाकी गांव के पास चलती कार से धक्का देकर फरार हो गए. मारपीट में पुलिसकर्मी घायल भी हुए. किसी तरह पीड़ित ने स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दी. घटना की जानकारी मिलते ही दादरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई.
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और बदमाशों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है. लोगों का कहना है कि जब खाकी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश जारी है.



