ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पहल, वेंडिंग जोन में रेहड़ी-पटरी वालों को जगह मिलेगी

ग्रेटर नोएडा में बढ़ते अतिक्रमण और अव्यवस्थित रेहड़ी-पटरी व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने फुटपाथ विक्रेताओं को निर्धारित वेंडिंग जोन में दुकानें लगाने की जगह देने की तैयारी तेज कर दी है. पहले चरण में 20 पात्र विक्रेताओं को अगले सप्ताह आवंटन पत्र देकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की जाएगी.
दुकानों के लिए कहां मिलेंगी जगह
प्राधिकरण के अर्बन सर्विसेज विभाग के अनुसार दोबारा सत्यापन में योग्य पाए गए विक्रेताओं को सेक्टर बीटा-1, बीटा-2, अल्फा-2 और सेक्टर-36 के वेंडिंग जोन में स्थान दिया जाएगा. दादरी के विधायक तेजपाल नागर एक कार्यक्रम के तहत पात्र लोगों को आवंटन पत्र सौंपेंगे. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और फुटपाथों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने में मददगार साबित होगा.
अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी. पहले 20 लोगों को जगह दिये जाने के बाद दूसरी सूची तैयार होगी. फिर अन्य विक्रेताओं सूचिबद्ध तरीके से दुकानों के लिए जगह दी जाएगी. स्थानीय निवासियों और पुराने विक्रेताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि रोजगार प्रभावित न हो और व्यवस्था भी बनी रहे.
सर्वे के आधार पर आवंटन
प्राधिकरण द्वारा शहर के बीटा-1, बीटा-2, अल्फा-2, डेल्टा-1, डेल्टा-3, गामा-2, पाई-1, पाई-2 और सेक्टर-36 में अब तक 500 से अधिक विक्रेताओं के लिए छोटी दुकानें और क्योस्क विकसित किए जा चुके हैं. जू-1, जू-3, ओमिक्रोन-1ए और ओमिक्रोन-3 सेक्टरों में निर्माण कार्य जारी है. वर्ष 2022 के सर्वे में 619 पथ विक्रेताओं का सत्यापन किया गया था और योजना के तहत उन्हें उसी सेक्टर में जगह दी जाएगी, जहां वे पहले से दुकान लगाते रहे हैं.
कितने समय के लिए आवंटन
वेंडिंग जोन में आवंटन तीन वर्ष की अवधि के लिए होगा. रेहड़ी-पटरी वालों को डेढ़ से दो मीटर स्थान मिलेगा, जिसका मासिक किराया लगभग 1500 रुपये तय किया गया है. वहीं स्टेशनरी क्योस्क के लिए चार मीटर जगह और करीब 5000 रुपये मासिक किराया निर्धारित किया गया है. यहां फल-सब्जी, फास्ट फूड और अन्य छोटे कारोबार की अनुमति होगी.
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि वेंडिंग जोन में स्थान आवंटन की प्रक्रिया जारी है और पहले चरण में अल्फा-2, बीटा-1, बीटा-2 व सेक्टर-36 से इसकी शुरुआत होगी.
प्रशासन को उम्मीद है कि यह पहल शहर को व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों को स्थायी पहचान और सुरक्षित रोज़गार का अवसर भी देगी.



