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नोएडा के स्क्रैप माफिया रवि काना रिहाई मामला, बांदा जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के बांदा जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव को सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि उन्होंने नोएडा के कुख्यात क्रिमिनल रवि काना को जेल से रिहा कर दिया, जबकि नोएडा कोर्ट ने उसे B वारंट पर तलब कर रखा था. बांदा जेल प्रशासन का कहना है कि रवि काना की रिहाई शाम 6.39 बजे हो गई थी, जबकि नोएडा कोर्ट का वारंट रात पौने 8 बजे प्राप्त हुआ था.

बांदा जिला कारागार में बंद रवि काना के खिलाफ बी वांरट जानकारी होने के बाद भी बांदा जेलर विक्रम सिंह यादव ने उसे छोड़ दिया. विक्रम सिंह यादव द्वारा अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही के उत्तर दायी पाया गया. ऐसे में नियमावली 1999 के नियम -7 के अधीन विक्रम सिंह यादव को विभागीय जांच के अलावा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है.

क्या है मामला?

रवि काना नोएडा का बड़ा स्क्रैप माफिया है. नोएडा की ज्यादातर फैक्ट्रियों से करोड़ोंकरोड़ों रुपये का स्क्रैप गुंडई के दम पर कौड़ियों के भाव में खरीदता है. अपराधी रवि काना मामले में बांदा जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने कहा कि रवि काना की रिहाई जेल मैनुअल के अनुसार ही हुई है.

रवि काना के ऊपर 20 से अधिक मामलें दर्ज थे जिसमें सब मामलों में रिहाई के आदेश कोर्ट से जारी हो चुके थे. अंतिम मामले भी 28 जनवरी की सुबह रिहाई आदेश जारी हो चुका था. रिहाई आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन के द्वारा न्यायालय से कन्फर्मेशन मांगा गया था.

जेल अधीक्षक ने क्या कहा?

जेल अधीक्षक ने कहा कि न्यायालय के कन्फर्मेशन से पहले कारागार को वी वारंट प्राप्त हो गया था. जिसमें उसे 29 जनवरी को न्यायालय में पेश कराना था जिसके चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उसकी पेशी कराई गई. जिसके बाद न्यायालय से शाम 6 बजे तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ, रूटीन प्रक्रिया के तहत उसकी रिहाई कर दी गई.

उन्होंने बताय कि रात करीब पौने आठ बजे रवि काना के सम्बंध में कोर्ट का कस्टडी आदेश जेल को मिला,लेकिन उससे पहले प्रक्रिया के तहत उसे रिहा किया जा चुका था. जेल अधीक्षक ने कहा न्यायालय द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया जो 6 फरवरी तक न्यायालय को उपलब्ध करा दिया जाएगा.

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