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क्या SIR का यूपी पंचायत चुनाव पर होगा असर? जानें चुनाव आयोग ने क्या कहा

भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार, 27 अक्टूबर को कहा कि बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और कें द्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की कवायद शुरू की जा रही है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि एसआईआर का प्रमुख उद्देश्य योग्य मतदाता का नाम सूची में शामिल करना और अयोग्य के नाम को मतदाता सूची से हटाना है. उन्होंने कहा कि बिहार में पहले चरण के पूरा होने के बाद एसआईआर का दूसरा चरण 12 प्रदेशों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू हो रहा है.

इन 12 प्रदेशों में से एक उत्तर प्रदेश भी है जहां एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. इस प्रक्रिया का असर यूपी में पंचायत चुनाव पर भी पड़ेगा. अभी तक माना जा रहा था कि फरवरी के पहले हफ्ते में पंचायत चुनाव शुरू हो जाएंगे. हालांकि एसआईआर के आदेश के बाद अब यह चुनाव मार्च या अप्रैल तक टल सकते हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कल से BLO, ERO aur DEO की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी. सभी राजनीतिक दल भी अपने बूथ लेवल ऑफिसर्स को नियुक्त कर दें. BLO राजनितिक दलों के BLA के साथ मीटिंग भी करेंगे, आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन पहचान के लिए दे सकते हैं. भारतीय नागरिकता कानून में असम की नागरिकता के लिए अलग कानून है. इसलिए असम के लिए अलग से SIR के आदेश जारी किए जाएंगे.

हर बूथ पर एक BLO तैनात होगा

ज्ञानेश कुमार ने कहा हर पोलिंग बूथ पर 1000 मतदाता होंगे और हर बूथ पर एक BLO तैनात होगा. BLO घर पर जाकर फॉर्म देंगे और BLO तीन बार हर घर पर जाएगा. शहरी इलाके वाले मतदाता ऑनलाइन फॉर्म फिल कर सकते हैं, BLO की है कि जिम्मेदारी योग्य वोटर नहीं छूटे.

12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR

बता दें कि SIR का दूसरा चरण 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा. इन 12 राज्यों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ और अंडमान एवं निकोबार शामिल हैं.

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