उत्तर प्रदेशराज्‍य

बांटने वालों को नहीं पनपने देंगे, प्रयागराज में बोले सीएम योगी-आने वाला समय सनातन का

प्रयागराज। सीएम योगी ने संगम नगरी की धरा से सनातन की रक्षा का उद्घोष किया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सियावर भगवान रामचंद्र की जय, सनातन धर्म की जय, भारता माता और गंगा मां की जय, प्रयागराज और वेणीमाधव की जय के साथ किया। हर-हर महादेव की गूंज से पूरा माघ मेला क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। वह माघ मेला क्षेत्र स्थित खाक चौक में आयोजित जगदगुरु रामानंदाचार्य के जन्मोत्सव समारोह में संतों के साथ उमड़े विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

आज भी सनातन को चोट पहुंचाने की साजिश हो रही है

उन्होंने कहा कि जिस संगम की पावन धरा पर प्रकट होकर जगदगुरु रामानंदाचार्य ने बंटे हुए समाज को जोड़ने का प्रयास किया था, वह अद्भुत था, उसी तरह के प्रयास की आज भी आवश्यकता है। जगदगुरु रामानंदाचार्य ने उस समय कहा था कि सभी जन ईश्वर के चरणों में आशीर्वाद लेने के अधिकारी हैं। आज भी सनातन को चोट पहुंचाने की साजिश हो रही है।

…इनके मुंह पर किसी ने फेवीकोल चिपका दिया है

सीएम योगी ने बांग्लादेश की तरफ ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा, वहां जो हो रहा है, कोई बोल नहीं रहा है। सेकुलरिज्म के नाम पर ठेका लेने वाले लोग हिंदु समाज को तोड़ने में पूरी ताकत लगाए हैं, अब इनके मुंह बंद है, लगता है कि इनके मुंह पर किसी ने फेवीकोल चिपका दिया है, एक शब्द नहीं निकल रहा है, कैंडिल मार्च नहीं कर रहे हैं।

तब कोई हिंदु को काटने की हिम्मत नहीं करेगा

आगाह किया, यह हम सबके लिए एक चेतावनी भी है। आपको बांटने की साजिश करने वाले ये लोग कभी आपके हितैषी नहीं हो सकते। जब सत्ता में थे, वे अपने परिवार के बारे में सोचते थे। आज तमाम नारे व स्लोगन देंगे, इन्हें जब भी मौका मिलेगा, वे वही करेंगे, जो पहले किया था। पहचान का संकट खड़ा करेंगे, हमें इनकी पुनरावृत्ति नहीं होने देना चाहिए। सबका दायित्व बनता है, बांटने वाले और तोड़ने वाले लोगों को कभी पनपने न दें। कमजोर करने वाले लोगों को किसी भी स्थिति में आगे नहीं बढ़ने देना है। दुनिया के अंदर सनातन का झंडा दिव्यता के साथ लहराता दिखे, यह हमारा प्रयास होना चाहिए, तब कोई हिंदु को काटने की हिम्मत नहीं करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश विकास की राह पर

उन्होंने संत समाज के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि संत समाज जब-जब एक मंच पर आकर कुछ उद्घोष करता है, उसका परिणाम भी आता है। जैसे आपने अयोध्या में देखा भव्य राम मंदिर का निर्माण। यह संतों की एकजुटता का ही परिणाम है। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश विकास की राह पर है। यूं तो वर्ष 1952 से कई प्रधाननंत्री देखे, मगर मोदी जी ने भारत की मूल आत्मा को गौरवान्वित किया है। राम मंदिर के शिलान्यास, प्राण प्रतिष्ठा तक में आए, उन्होंने अयोध्या से सनातन धर्म ध्वज की पताका भी लहराई। उन्होंने जगदगुरु रामानंदाचार्य के जन्मोत्सव समारोह के सफल आयोजन के लिए सतुआ बाबा की प्रशंसा भी की।

…यह है आस्था

अंत में योगी ने माघ मेले में अब तक एक करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की चर्चा करते हुए कहा कि यह है आस्था। इस अवसर पर स्वामी सतुआ बाबा महराज, परमार्थ मनिकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती महराज, बाघंबरी पीठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि जी महराज, अवधेश जी महराज एवं कृपालु देवाचार्य जी सहित कई संत मौजूद थे।

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