भारत-मालदीव-श्रीलंका के बीच DOSTI अभ्यास का 17वां संस्करण मालदीव में शुरू

भारत, मालदीव और श्रीलंका के तटरक्षक बलों के बीच ‘दोस्ती’ अभ्यास का 17वां संस्करण माले में शुरू हुआ। अभ्यास का बंदरगाह चरण जारी है, जिसमें समुद्री प्रदूषण से निपटने से जुड़े मारपोल अभ्यास और संयुक्त वीबीएसएस अभ्यास किया जा रहा है। भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अभ्यास में इस बार क्या-क्या किया गया?
आईसीजी के मुताबिक, इस चरण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का प्रदर्शन, टेबलटॉप अभ्यास और क्रॉस-बोर्डिंग (पोत पर चढ़कर तलाशी लेना और जांच करना) से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इसका उद्देश्य तीनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच आपसी तालमेल और संचालन क्षमता को बढ़ाना है।विज्ञापन
भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक ने क्या कहा?
भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दोस्ती अभ्यास में भाग लेने के लिए मालदीव पहुंचा। आने वाले दिनों में होने वाले समुद्री चरण में भारतीय तटरक्षक बल के जहाज और विमान भी शामिल होंगे। महानिदेशक ने मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। यह पहल भारत के ‘सागर’ दृष्टिकोण और पड़ोसी पहले की नीति के अनुरूप है।
उद्घाटन समारोह में कौन-कौन मौजूद थे?
- दोस्ती-17 का औपचारिक शुभारंभ 17 जनवरी को माले के होटल जेन में किया गया।
- इस समारोह में मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल तटरक्षक बल, भारतीय तटरक्षक बल और श्रीलंका तटरक्षक बल के प्रतिनिधि शामिल हुए।
- मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घसन मौमून मुख्य अतिथि रहे।
- उन्होंने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए तटरक्षक बलों के बीच निरंतर सहयोग और समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अभ्यास का उद्देश्य और इतिहास क्या है?
एमएनडीएफ के अनुसार, इस वर्ष का अभ्यास व्यावहारिक संयुक्त प्रशिक्षण और सूचना साझा करने पर केंद्रित है। इससे भाग लेने वाले कर्मियों को अपने अनुभव साझा करने और पेशेवर संबंधों को मजबूत करने का अवसर मिलेगा। बयान में यह भी कहा गया कि दोस्ती अभ्यास की शुरुआत 1991 में मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल तटरक्षक बल और भारतीय तटरक्षक बल के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी। वर्ष 2012 में श्रीलंका तटरक्षक बल के शामिल होने के बाद इसे त्रिपक्षीय रूप दिया गया। तबसे यह अभ्यास क्षेत्रीय समुद्री सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बना हुआ है।
एमएनडीएफ के अनुसार, उद्घाटन समारोह में मालदीव सरकार के कई मंत्री, चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स मेजर जनरल इब्राहिम हिल्मी, वाइस चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स ब्रिगेडियर जनरल अहमद घियास, भारतीय और श्रीलंका तटरक्षक बलों के महानिदेशक तथा विदेशी राजदूत भी मौजूद थे।


