ग्रेटर नोएडा के लिए गुड न्यूज, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर बना 6 लेन रेलवे ओवरब्रिज गाड़ियों के लिए खुला

ग्रेटर नोएडा : डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर तिलपता व मकौड़ा गांव के बीच बना रेलवे ओवरब्रिज ( आरओबी ) मंगलवार को आमजन के लिए खोल दिया गया। इस पर वाहन फर्राटा भरने लगे हैं। इससे ग्रेटर नोएडा ईस्ट व वेस्ट आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है।
नौ जून को आरओबी का परीक्षण किया गया था। इसमें जो कमियां मिली थीं, उन्हें दूर कर अब इसे खोल दिया गया। ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट को जोडने वाली 130 मीटर सड़क पर वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। अब इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू हो गया है।
तिलपता व मकौड़ा गांव के बीच 130 मीटर रोड को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर क्रॉस कर रहा है। यहां पर अंडरपास बना हुआ है। तेज बारिश होने पर अंडरपास में जलभराव हो जाता है। इस वजह से यहां पर आरओबी की जरूरत थी। छह लेन के इस आरओबी की लंबाई 1600 मीटर है। प्रॉजेक्ट मैनेजर मदन गौतम ने बताया कि परीक्षण के बाद आरओबी को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इसके शुरू होने से ग्रेनो ईस्ट और वेस्ट आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही आसान होगी।
तिलपता गोल चक्कर पर यूटर्न जल्द
ग्रेटर नोएडा तिलपता गोल चक्कर के दोनों तरफ 130 मीटर रोड पर यूटर्न जल्द बनाया जाएगा। यू टर्न तीन से चार माह में बन जाएगा। 130 मीटर रोड ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट के बीच आवाजाही के लिए प्रमुख मार्गों में से एक है। सीईओ एनर्जी रवि कुमार ने परियोजना विभाग को 130 मीटर रोड को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के निर्देश दिए है। इस पर चौड़ीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
चौराहों पर भी ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सड़क के चौड़ीकरण के साथ ही यूटर्न बनाए जा रहे है। अब तिलपता गोल चक्कर पर यूटर्न बनने जा रहा है। यह यूटर्न 130 मीटर रोड पर तिलपता गोलचक्कर से पहले और बाद में (दोनों तरफ) बनेगा। परियोजना विभाग ने इसका टेंडर जारी कर दिया है। वर्क सर्किल-7 को इसे बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। एक माह में टेडर प्रक्रिया पूरा कर निर्माण शुरू कराने की तैयारी है। निर्माण पूरा होने में तीन से चार माह लगेंगे। इससे तिलपता चौराहे पर भी यातायात सुगम हो जाएगा।
- छह लेन वाला यह रेलवे ओवरब्रिज 1600 मीटर लंबा है, जिसे भारी वाहनों और इलेक्ट्रिक बसों के दबाव को झेलने के लिए तैयार किया गया है
- 9 जून को हुए तकनीकी परीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के बाद प्रशासन ने इसे सुरक्षित पाकर हरी झंडी दी
- बारिश के दौरान अंडरपास में जलभराव और जाम की समस्ऱ्या होगी खत्म
- छह लेन के इस आरओबी की लंबाई 1600 मीटर है



